
Rajasthan : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का लोगो। फोटो - ANI
Rajasthan : राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुंचा गया है। एनएचआरसी ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया। साथ ही 2 हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा ज़िलों के सरकारी अस्पतालों के गायनेकोलॉजी वार्ड में सर्जरी के बाद एक हफ़्ते के अंदर 8 महिलाओं और एक नाबालिग की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों में से भीलवाड़ा ज़िले के महात्मा गांधी अस्पताल में 5 की मौत और बांसवाड़ा ज़िला अस्पताल में तीन की मौत हुई। जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।
आयोग ने माना है कि अगर न्यूज़ रिपोर्ट में दी गई जानकारी सच है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए, आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 हफ्तों के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 12 जुलाई 2026 को आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
बांसवाड़ा जिले में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के दौरे के दिन ही बुधवार रात्रि जिले की एक और प्रसूता की मौत हो गई है। गौरतलब है कि जिले में अब तक 6 प्रसूताओं और 3 नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। अधिकांश प्रसूताओं की मौत एनिमिया से होना सामने आ रहा है।
इनमें सज्जनगढ़ ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अंतर्गत कालाखूंटा सज्जनगढ़ निवासी शिल्पा (20 वर्ष) पत्नी महेन्द्र को प्रसव पीड़ा होने पर किसी दवाखाने में लेकर गए थे। पर, तब तक उसकी डिलेवरी हो गई और मृत शिशु का जन्म हुआ था। इस पर ग्रामीण क्षेत्र के चिकित्सालय से उसे 14 जुलाई को जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया था। पर, अत्यधिक रक्तस्त्राव होने एवं प्रसूता की हालत बहुत अधिक गंभीर होने पर उसे उदयपुर के लिए रैफर कर दिया, जहां पर, बताया गया कि 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
1- रेखा (29 वर्ष) पत्नी हितेश, आंबापुरा।
2- रेश्मा (23 वर्ष) पत्नी प्रेम, अल्काखेड़ा, एमपी।
3- लक्ष्मी (21 वर्ष) पत्नी अरविंद, सवनिया घाटोल।
4- लीला (32 वर्ष) पत्नी विजय, काहेला गढ़ी।
5- लक्ष्मी (32) पत्नी प्रभुलाल चरपोटा, पातेला पांडा।
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में 6 दिन में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा के अस्पताल में 5 जुलाई को शिमला गुर्जर की मौत हुई थी। इसके बाद 7 जुलाई को फोरी देवी, 8 जुलाई को ईशा पांडे, 9 जुलाई को दिव्या और 10 जुलाई को संगीता जीनगर की जान चली गई थी।
इन सभी महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू भेजा गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था। हैरान कर देने वाली बात ये है कि ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। एमजीएच अधीक्षक भीलवाड़ा डॉ. अरुण गोड़ ने मौतों का कारण गंभीर प्रसूति जटिलताओं को बताया है। साथ ही डॉक्टरों की लापरवाही से मौत होने के आरोपों से इनकार किया है।
Updated on:
17 Jul 2026 09:04 am
Published on:
17 Jul 2026 09:01 am
