जयपुर

Rajasthan Law and Order : ‘ऐसी कार्रवाई करो कि बदमाशों की रूह कांपे’, पुलिस अफसरों को CM भजनलाल की दो टूक, जारी किए ये 10 सख्त निर्देश

Rajasthan Law and Order Meeting : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा एक्शन। पुलिस अधिकारियों की बैठक में दिए 10 कड़े निर्देश, कहा— 'अपराध हुआ तो सीधे आईजी और एसपी होंगे जिम्मेदार'।
4 min read
Jul 14, 2026
CM Bhajanlal Sharma Law and Order Meeting 10 Directions Police IG SP
CM Bhajanlal Sharma on Law and Order Meeting

राजस्थान में अपराधियों पर पूरी तरह से शिकंजा कसने और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस और गृह विभाग के आला अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब से राज्य के किसी भी हिस्से में होने वाले अपराधों के लिए संबंधित रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को तलब करते हुए उनसे जवाब मांगा। वहीं, उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण के गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 की तुलना में राज्य में संगठित अपराध और फायरिंग की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी जरूर आई है, लेकिन इस गिरावट की रफ्तार को और तेज करना होगा ताकि आम नागरिक खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 10 सख्त निर्देश:

मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में व्यापक सुधार लाने और जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करने के लिए 10 महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

1. आईजी-एसपी की सीधी जवाबदेही

जिला स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी पुलिस कप्तानों की होगी। क्षेत्र में किसी भी बड़ी वारदात या लापरवाही के लिए सीधे आईजी और एसपी को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी।

2. अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ना

संगठित अपराध की रीढ़ माने जाने वाले अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। हथियार पकड़े जाने पर केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि उसके सप्लायर और सरगना तक पुलिस पहुंचेगी।

3. अपराधियों का सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क ध्वस्त करना

पुलिस सोशल मीडिया पर उन युवाओं की विशेष निगरानी करेगी जो बड़े गैंगस्टर्स या अपराधियों को फॉलो करते हैं। इसके अलावा हवाला कारोबार और अवैध आय के स्रोतों को पूरी तरह बंद किया जाएगा।

4. ड्रग तस्करों की संपत्तियों का ध्वस्तीकरण

एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों में केवल गिरफ्तारी काफी नहीं होगी। नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने, जब्त करने और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।

5. साइबर पेट्रोलिंग और विशेष साइबर सेल

डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी की वारदातों को रोकने के लिए राजस्थान के हर थाने और साइबर सेल में विशेष दक्ष कार्मिक तैनात होंगे और साइबर पेट्रोलिंग को अपग्रेड किया जाएगा।

6. महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता

महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के मामलों में त्वरित अनुसंधान कर अपराधियों को रिकॉर्ड समय में कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।

7. लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण

रेंज आईजी और एसपी व्यक्तिगत रूप से पेंडिंग पड़े गैंगस्टर्स, हिस्ट्रीशीटर्स और आर्म्स एक्ट के मुकदमों का विश्लेषण करेंगे और समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

8. नियमित CLG बैठकें

पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सभी जिलों में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होंगी और इनकी राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।

9. भूमि माफियाओं और अतिक्रमण पर कड़ा एक्शन

चरागाह, सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।

10. फीडबैक और पारदर्शी पुलिसिंग

पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों की सुनवाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए थानों के स्तर पर कड़ा फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाएगा।

अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर के अफसरों से जवाब-तलब

बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने हाल के दिनों में अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर जिलों में हुई चोरी, डकैती, फायरिंग और गैंगवार से जुड़ी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।

इन जिलों के पुलिस कप्तानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि इंटेलिजेंस इनपुट होने के बावजूद इन वारदातों को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका?

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अपराधियों के खिलाफ ढीला रवैया अपनाने वाले अफसरों को फील्ड पोस्टिंग से तुरंत हटा दिया जाएगा।

अपराधियों के सोशल मीडिया फॉलोअर्स पर विशेष ध्यान

एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले और गैंगस्टर्स की पोस्ट को लाइक या शेयर करने वाले युवाओं की पहचान करने को कहा है। पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे गुमराह हो रहे युवाओं को चिन्हित कर उनके अभिभावकों से बात की जाए और उनकी काउंसलिंग (Counseling) करवाई जाए, ताकि वे अपराध की दलदल में फंसने से बच सकें। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर डर या दहशत फैलाने वाले अकाउंट्स को तुरंत ब्लॉक करवाने की कार्रवाई की जाएगी।

गोगुंदा चरागाह भूमि मामले में बड़ी गाज

जमीनों पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं के गठजोड़ पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र में चरागाह भूमि पर हुए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित उपखंड अधिकारी और राजस्व विभाग के बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त करवाना और वहां सार्वजनिक संपत्तियों का विकास करना स्थानीय प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसंवाद बढ़ाने और सीएलजी बैठकों को सक्रिय करने पर जोर

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल बल प्रयोग से ही अपराध कम नहीं होते, बल्कि जनता के भीतर पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में डर होना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में सीएलजी बैठकों को पुनः पूरी तरह सक्रिय करने की आवश्यकता जताई।

बैठक में राज्य की मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जबकि सभी रेंज आईजी और जिलों के एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

Updated on:
14 Jul 2026 08:26 am
Published on:
14 Jul 2026 08:25 am