जयपुर

कैबिनेट साथियों के साथ CM भजनलाल शर्मा ने देखी ‘द साबरमती रिपोर्ट’, बोले- ‘आज हमें सच्चाई का पता चला’

The Sabarmati Report: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'द साबरमती रिपोर्ट’ को टैक्स फ्री करने के बाद जयपुर के एक सिनेमा हॉल में इस फिल्म को देखा।
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Nov 21, 2024
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The Sabarmati Report: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुजरात के गोधरा कांड पर बनी बहुचर्चित फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ को टैक्स फ्री करने के बाद जयपुर के एक सिनेमा हॉल में इस फिल्म को देखा। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, हेमंत मीणा, हीरालाल नागर, केके विश्नोई, मंजू बाघमार सहित कई नेता-विधायक भी मौजूद रहे।

दरअसल, गोधरा कांड पर बनी फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को राजस्थान की भजनलाल सरकार ने टैक्स फ्री करने के बाद अब उसे लोगों को दिखाने की कवायद भी शुरू कर दी है। इसी के तहत आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने कैबिनेट के सभी मंत्रियों और पार्टी के विधायकों के साथ जयपुर के एक सिनेमा हॉल में इस फिल्म को देखने गए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह फिल्म उस वक्त की त्रासदी के बारे में है जिसके बारे में इस वक़्त से अब तक गलत तथ्यों को बताया जा रहा था। लेकिन आज इस फिल्म को देखने के बाद हम सबको उस घटना की हकीकत और सच्चाई का पता चला।

'गोधरा कांड को लेकर वामपंथियों ने झूठ फैलाया'

वहीं, फिल्म देखने के बाद विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं अन्य नेतागणों के साथ "द साबरमती रिपोर्ट" फिल्म देखी। यह फिल्म 2002 में गोधरा कांड में जान गंवाने वाले 59 निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। गोधरा कांड को लेकर वामपंथियों ने देशभर में झूठ फैलाया था, जिसकी वास्तविकता से देश इस फिल्म के माध्यम से अवगत हो रहा है। देश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना से जुड़े तथ्यों को समाज के सामने लाने के लिए फिल्म निर्माताओं और कलाकारों का अभिनंदन।

फिल्म को राजस्थान में किया टैक्स फ्री

बता दें कि भजनलाल सरकार ने बुधवार को ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को राजस्थान में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी थी। सीएम ने कहा था कि यह फिल्म इतिहास के उस भयावह काल-खंड को यथार्थ रूप में दर्शाती है, जिसे कुछ स्वार्थी तत्वों ने अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए विकृत करने का कुत्सित प्रयास किया। यह फिल्म न केवल तत्कालीन व्यवस्था की वास्तविकता को प्रभावशाली रूप से उजागर करती है, बल्कि उस समय प्रचारित किए गए भ्रामक एवं मिथ्या बातों का भी खंडन करती है। इस दुर्भाग्यपूर्ण एवं हृदयविदारक घटना को फिल्म में अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

Updated on:
21 Nov 2024 09:14 pm
Published on:
21 Nov 2024 09:14 pm