जयपुर

8th pay commission: सीएम ने कहा, पदोन्नति और वेतनमान पर बनेगी हाई-लेवल कमेटी, आठवें वेतन आयोग पर भी करेगी मंथन

Promotion Policy: मुख्यमंत्री ने वेतनमान को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने बताया कि पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भी अध्ययन कर राज्य के कर्मचारियों के लिए उपयुक्त निर्णय सुझाएगी।

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Apr 16, 2026
Rajasthan CM Bhajan Lal Sharma
Rajasthan CM Bhajan Lal Sharma

Salary Revision: जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य कर्मचारियों के लिए पदोन्नति और भविष्य के वेतन ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। खास तौर पर पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने और आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को शासन सचिवालय में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नवगठित कार्यकारिणी को शपथ दिलाते हुए कहा कि सचिवालय राज्य प्रशासन की धुरी है और यहां से लिए गए निर्णय सीधे आमजन तक पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कार्यकुशलता और संतुष्टि बेहद जरूरी है।

पदोन्नति पर फोकस, नए पदों का सृजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते सवा दो साल में कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। नियमित और समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जा रही है ताकि कर्मचारियों को उनके कार्य के अनुरूप अवसर मिल सकें। इसी क्रम में वर्ष 2025 में सहायक शासन सचिव स्तर के 15 नए पद सृजित किए गए थे और अब 15 और नए पद बनाने की घोषणा की गई है। इससे अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही, जिन काडर में पदोन्नति के लिए पहले छूट नहीं मिल पाई थी, उनके लिए 2 वर्ष की विशेष छूट देने की घोषणा भी की गई है। यह निर्णय लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगा।

आठवें वेतन आयोग पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री ने वेतनमान को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने बताया कि पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भी अध्ययन कर राज्य के कर्मचारियों के लिए उपयुक्त निर्णय सुझाएगी।

इससे साफ है कि राज्य सरकार आने वाले समय में कर्मचारियों के वेतन ढांचे को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

कर्मचारी कल्याण के लिए कई फैसले

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रेच्यूटी की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया गया है। आरजीएचएस योजना में कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को शामिल करने का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति में पुत्रवधू को शामिल करना, एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव को आसान बनाना और ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ की स्थापना जैसे फैसले भी लिए गए हैं।

सुशासन और कर्मचारी संतुष्टि पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव’ होना चाहिए। जब कर्मचारी संतुष्ट और प्रेरित होंगे, तभी सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें, ताकि प्रदेश में सुशासन का लक्ष्य साकार हो सके।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि सरकार पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने और आठवें वेतन आयोग को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

Updated on:
16 Apr 2026 04:44 pm
Published on:
16 Apr 2026 04:40 pm