
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी 15 जून को 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन होगा। देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' की राजस्थान इकाई ने एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जयपुर के गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित प्रसिद्ध शहीद स्मारक पर 15 जून को यह राज्य स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस विरोध-प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। रांका ने साफ किया कि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह देश की रीढ़ यानी हमारे छात्र समुदाय और युवा वर्ग के भविष्य को बचाने की एक बेहद गंभीर और जरूरी मुहिम है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जयपुर में होने वाले इस प्रदर्शन का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इसमें खुद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संस्थापक अभिजीत दीपके विशेष रूप से दिल्ली से जयपुर पहुंचकर भाग लेंगे।
अभिजीत दीपके के जयपुर आगमन को लेकर राजस्थान इकाई के कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजस्थान के विभिन्न जिलों जैसे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर, सीकर और बीकानेर से बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र नेताओं और शिक्षाविदों को इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
पार्टी का मानना है कि राजस्थान का युवा वर्तमान समय में देश के भीतर शैक्षिक और रोजगार के मोर्चे पर सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, इसलिए इस राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत के लिए जयपुर की वीर धरा को चुना गया है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आशुतोष रांका ने वर्तमान राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षा प्रणालियों पर कई गंभीर और बुनियादी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल डिग्रियां बटोरने के लिए मजबूर है, लेकिन वास्तविक रोजगार और कौशल विकास के मोर्चे पर मौजूदा नीतियां पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं।
रांका ने कड़े शब्दों में कहा, "आज देश का नौजवान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। कभी परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं, तो कभी सालों-साल तक नियुक्तियां अटकी रहती हैं। हमारी पार्टी का यह स्पष्ट मानना है कि जब तक देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी, आधुनिक और रोजगार-परक नहीं बनाया जाएगा, तब तक एक मजबूत राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। यह लड़ाई किसी एक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के हक और उनके सम्मान की लड़ाई है। 15 जून को शहीद स्मारक पर हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को बुलंद करेंगे।"
जयपुर के इस आगामी प्रदर्शन को बेहद प्रभावी और परिणाम-मुखी बनाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी की थिंक-टैंक टीम ने 4 मुख्य एजेंडे तैयार किए हैं, जिन्हें सरकार के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा:
पेपर लीक पर पूरी तरह रोक: राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए एक बेहद कड़ा और केंद्रीय स्तर का फुल-प्रूफ सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
रोजगार-परक पाठ्यक्रम (Skill-Based Education): स्कूलों और कॉलेजों के पुराने हो चुके थ्योरिटिकल पाठ्यक्रमों को बदलकर उनमें शत-प्रतिशत कौशल विकास, एआई (AI) तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण को शामिल किया जाए ताकि पढ़ाई पूरी करते ही युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।
बजट का सही आवंटन: सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का एक बड़ा और निश्चित हिस्सा केवल प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने और सरकारी स्कूलों को हाई-टेक बनाने में खर्च होना चाहिए।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: सभी सरकारी और गैर-सरकारी भर्ती परीक्षाओं के परिणाम और जॉइनिंग लेटर जारी करने के लिए एक निश्चित समय सीमा (Time-bound Recruitment Calendar) तय की जाए ताकि युवाओं का कीमती समय बर्बाद न हो।
राजधानी जयपुर का शहीद स्मारक अक्सर बड़े आंदोलनों और धरनों का गवाह रहा है। चूंकि इस बार प्रदर्शन करने वाली पार्टी का नाम बेहद अनूठा और चर्चा का विषय बना हुआ है, इसलिए स्थानीय खुफिया विंग और जयपुर पुलिस कमिश्नरेट भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है।
15 जून को होने वाले इस एक दिवसीय प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहीद स्मारक के आसपास अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया जाएगा। ट्रेफिक पुलिस द्वारा भी उस मार्ग पर वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए विशेष रूट डायवर्जन की योजना बनाई जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि उनका यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और अनुशासित दायरे में रहकर ही आयोजित किया जाएगा।