Commercial LPG Price Hike: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर 195.50 रुपए महंगा हो गया है।
जयपुर। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी की है। नई दरें आज से लागू हो गई है। राजधानी जयपुर में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर 2106 रुपए में मिलेगा। इसका होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इससे पहले 7 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में घरेलू सिलेंडर 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपए महंगा हुआ था। बता दें कि इस में यह दूसरी बार है जब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दामों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी के बाद जयपुर में 2106 रुपए, अजमेर में 2,058, अलवर में 2,142, बालोतरा में 2,133, बांसवाड़ा में 2,175.50, बारां में 2,147, बाड़मेर में 2,151, ब्यावर में 2,060.50, भरतपुर में 2,129, भीलवाड़ा में 2,093, बीकानेर में 2,140.50, बूंदी में 2,147.50, चित्तौड़गढ़ में 2,193, चूरू में 2,168.50, दौसा में 2,109.50 रुपए में मिलेगा।
इसके अलावा डीग में 2,136, धौलपुर में 2,140, डीडवाना-कुचामन में 2,138.50, डूंगरपुर में 2,204, श्रीगंगानगर में 2,171, हनुमानगढ़ में 2,169, जयपुर में 2,106, जैसलमेर में 2,144, जालोर में 2,152.50, झालावाड़ में 2,157, झुंझुनूं में 2,138.50, जोधपुर में 2,117.50, करौली में 2,141.50, खैरथल-तिजारा में 2,143, कोटा में 2,147.50, कोटपूतली-बहरोड़ में 2,135, नागौर में 2,120.50, पाली में 2,123.50, फलौदी में 2,144, प्रतापगढ़ में 2,213.50, राजसमंद में 2,193, सलूम्बर में 2,187 और सवाईमाधोपुर में 2,123 रुपए में कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलेगा।
बाहर खाना होगा महंगा: रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल संचालकों के लिए खाना बनाने की लागत बढ़ जाएगी। इसका अंतिम बोझ ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे थाली की कीमत बढ़ सकती हैं।
कैटरिंग और शादियां: शादी-ब्याह के सीजन में कैटरिंग सेवाओं के रेट बढ़ सकते हैं। बड़े स्तर पर खाना बनाने वाले व्यवसायों के लिए बजट का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण होगा।
छोटे व्यवसायों पर दबाव: चाय की दुकानों और छोटे हलवाइयों के लिए यह बड़ा झटका है। पहले से ही बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की यह मार उनके मुनाफे को कम कर देगी। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर भी मेनू की कीमतें बढ़ने की आशंका है।