5 राज्यों में चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹993 की रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी ने राजस्थान की सियासत में उबाल ला दिया है।
राजस्थान की जनता अभी गर्मी की मार से जूझ ही रही थी कि केंद्र की मोदी सरकार ने 'महंगाई का बम' फोड़कर आम आदमी की जेब झुलसा दी है। 5 राज्यों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होते ही कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक झटके में ₹993 का इजाफा कर दिया गया है। जो सिलेंडर कल तक ₹2106 में मिल रहा था, उसकी कीमत अब ₹3099 पहुँच गई है। इस फैसले के बाद राजस्थान कांग्रेस पूरी तरह हमलावर मोड में है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे जनता के साथ 'बड़ा धोखा' करार दिया है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार का असली चेहरा चुनाव खत्म होते ही सामने आ गया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
चाय-समोसा भी होगा महंगा: "आज से ₹10 की चाय ₹20 में और ₹20 का समोसा ₹40 में मिलने लग जाए तो मोदी जी को धन्यवाद जरूर देना।"
कांग्रेस राज से तुलना: डोटासरा ने याद दिलाया कि कांग्रेस के समय कमर्शियल सिलेंडर ₹1000 से भी कम में मिलता था, लेकिन आज एक ही आदेश से ₹1000 बढ़ा दिए गए।
मिडिल क्लास पर हमला: यह केवल गैस सिलेंडर महंगा होना नहीं है, बल्कि ढाबे, होटल, रेहड़ी और छोटे उद्योगों से जुड़े हर गरीब और मध्यम वर्ग के पेट पर लात मारना है।
डोटासरा ने अपने बयान में एक बड़ा सस्पेंस छोड़ते हुए जनता को सतर्क किया है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि सरकार का अगला निशाना पेट्रोल और डीजल हो सकते हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आखिर में लिखा, 'पहले चुनाव तक ढोंग, और वोट मिलते ही जनता की जेब पर डाका। अभी तो गैस के दाम बढ़ाएं हैं, शायद कल तक पेट्रोल-डीजल के दाम में भी भारी बढ़ोतरी नज़र आ जाए।'
ज़ाहिर है, इस बयान ने राजस्थान के परिवहन क्षेत्र और आम वाहन चालकों में डर पैदा कर दिया है। यदि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो माल ढुलाई महंगी होगी और इसका सीधा असर सब्जी, फल और राशन की कीमतों पर पड़ेगा।
बाड़मेर से लेकर भरतपुर तक, राजस्थान के छोटे उद्यमी इस फैसले से सकते में हैं।
पर्यटन और होटल इंडस्ट्री: राजस्थान एक पर्यटन प्रदेश है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटलों में खाना महंगा होगा, जिससे पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
थड़ी-ठेले वाले परेशान: जयपुर के मसाला चौक से लेकर जोधपुर के शास्त्री नगर तक, रेहड़ी-पटरी वालों का कहना है कि लागत इतनी बढ़ गई है कि अब दुकान चलाना मुश्किल होगा।
डोटासरा के इस आक्रामक रुख ने भाजपा को बैकफुट पर ला दिया है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। राजस्थान में इस 'महंगाई बम' को आगामी उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल चुनाव जीतने तक 'अच्छे दिन' का ढोंग करती है।