Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में एक तरफ जयपुर से लेकर जोधपुर तक, अजमेर से लेकर टोंक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट में राजनीतिक जंग छिड़ी है तो दूसरी तरफ कांग्रेस की केंद्रीय टीम अब अपनी जमीन बचाने में जुट गई है।
rajasthan politics राजस्थान कांग्रेस में एक तरफ जयपुर से लेकर जोधपुर तक, अजमेर से लेकर टोंक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट में राजनीतिक जंग छिड़ी है तो दूसरी तरफ कांग्रेस की केंद्रीय टीम अब अपनी जमीन बचाने में जुट गई है। पायलट के पलटवार से कितना नुकसान हो रहा है और कितना फायदा अब इस इसका आंकलन शुरू हो गया है।
अजमेर में गहलोत और पायलट समर्थकों में जूतमपैजार का मंजर देख चुकी सह प्रभारी अमृता धवन टोंक में सचिन पायलट की जमीन देखने शुक्रवार को पहुंची। अब इस विधानसभा में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि आने वाले चुनाव में राहुल गांधी की तरह ही युवा विधायक सचिन पायलट भी अगर अपना क्षेत्र बदलते है तो हश्र रायबरेली की तरह न हो ऐसे में इस गढ़ को कैसे बचाया जाए।
सह प्रभारी इस बात को भी तय करने में लगे हैं कि पायलट और गहलोत की बीच छिड़ी इस जंग में पार्टी का नुकसान कम से कम हो। ऐसे में अब डैमेज कंट्रोल करने की भी कार्रवाई हो रही है। विधानसभा चुनाव से पहले इस गढ़ को बचाने सह प्रभारी अमृता धवन के साथ प्रशांत बैरवा और विधायक हरीश मीणा भी पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत कर पूरे विधानसभा की रूप रेखा तैयार की। सचिन पायलट ने 2018 में टोंक से चुनाव लड़ा था टोंक विधानसभा से चुनाव लड़कर भाजपा के यूनुस खान को करीब 50 हजार वोटों से हराया था।
अजमेर भी पहुंची थी प्रभारी
वहीं गुरुवार को सचिव व राजस्थान कांग्रेस सह प्रभारी अमृता धवन का अजमेर आगमन पर रास्ते में जगह जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत-सत्कार किया। इस दौरान वे आज अजमेर शरीफ दरगा भी पहुंची। वे इस दौरान पुष्कर विधानसभा की नारेली पंचायत में पहुंची और उन्होने महंगाई राहत कैंप में सुविधाओं प्रबंधन व कार्यपद्धति का जायजा हेतु लोगों से संवाद किया। उन्होने अजमेर में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में लोगों से चर्चा कर आने वाले विधानसभा चुनावों पार्टी को लेकर चर्चा की।