जयपुर

Rajasthan Politics : ‘सीने पर गोली खा लेंगे’, BJP पर कांग्रेस का निशाना, कहा- राजस्थान में नहीं चलेगा वोट चोरी जैसा खेल

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद राजस्थान में सियासी संग्राम छिड़ गया है, जहाँ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर 'लोकतंत्र की हत्या' और 'वोट लूटने' का आरोप लगाते हुए सीधा हमला बोला है।

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May 06, 2026
Rajasthan Politics - File PIC
Rajasthan Politics - File PIC

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि राजस्थान की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपनाते हुए 'जान देने' तक की बात कह दी है। डोटासरा के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान में सत्ता और विपक्ष के बीच का संघर्ष अब केवल बयानों तक सीमित नहीं रहने वाला है।

'सीने पर गोली खा लेंगे, पर लोकतंत्र नहीं मिटने देंगे'

पीसीसी मुख्यालय पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए डोटासरा ने भाजपा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राजस्थान की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के 'बंगाल और असम वाले फॉर्मूले' को यहां सफल नहीं होने देंगे।

  • बलिदान का संकल्प: डोटासरा ने कहा, ''हम सीने पर गोली खाकर जान दे देंगे, लेकिन भाजपा को राजस्थान की सत्ता लूटने नहीं देंगे।''
  • संवैधानिक मर्यादा: उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान और जनता के 'वोट की ताकत' की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ने का दावा किया।

बंगाल और असम का जिक्र, 'वोट लूट' के आरोप

डोटासरा ने भाजपा की जीत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'एजेंसियों का दुरुपयोग' करार दिया।

षड्यंत्र की आशंका: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को पूरा भरोसा है कि वे बंगाल और असम की तरह वोट लूटकर, चुनाव आयोग की सहायता और तानाशाही से लोकतंत्र की हत्या कर देंगे।

मुंहतोड़ जवाब: डोटासरा ने साफ किया कि भाजपा चाहे 'SIR' (Systematic Institutional Rigging) का सहारा ले या कोई और षड्यंत्र रचे, राजस्थान में उन्हें 2028 में करारा जवाब मिलेगा।

'जनता त्रस्त और सरकार जश्न में मस्त'

डोटासरा ने भाजपा नेताओं के जश्न मनाने के तरीके पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय झालमुड़ी खाकर जश्न मना रहे हैं।

अंता चुनाव का जिक्र: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ऐसा माहौल बना रही है जैसे उन्होंने अंता का कोई बड़ा चुनाव जीत लिया हो, जबकि हकीकत यह है कि सरकार राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव तक करवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर घेरा

डोटासरा ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार की नाकामियों की लंबी फेहरिस्त गिनाई:

  • बजरी माफिया का आतंक: उन्होंने टोंक में पुलिसकर्मी की हत्या और पुलिस पर होते हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी बेखौफ हैं।
  • महिला सुरक्षा: प्रदेश में बच्चियों के साथ बढ़ती दरिंदगी की घटनाओं पर सरकार की चुप्पी को उन्होंने शर्मनाक बताया।
  • बेरोजगारी और इलाज: उन्होंने कहा कि न युवाओं को रोजगार मिल रहा है और न ही बीमारों को अस्पतालों में समय पर इलाज। पानी के लिए जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार 'झालमुड़ी' में व्यस्त है।


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क्या राजस्थान में शुरू हो गई 2028 की तैयारी?

डोटासरा का यह बयान केवल एक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की 'एग्रेसिव' रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सवाल यह है कि क्या भाजपा की 'एकजुटता का नाटक' (जैसा कि डोटासरा ने कहा) कांग्रेस के इस प्रहार को झेल पाएगा? क्या वाकई राजस्थान में चुनाव आयोग और एजेंसियों के दुरुपयोग की जमीन तैयार की जा रही है, या डोटासरा का यह बयान केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने की एक कोशिश है?

Updated on:
06 May 2026 04:23 pm
Published on:
06 May 2026 04:06 pm