
'वोट चोरी' और निकाय चुनाव में बेईमानी के आरोप लगाते हुए कांग्रेस आज भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करने जयपुर की सड़कों पर उतरी। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सबसे पहले शहीद स्मारक पर एक सभा हुई जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। इसके बाद निर्वाचन आयोग के दफ्तर का घेराव करने के मकसद से सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। हालांकि बीच रास्ते में ही पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग और दल-बल के साथ रोक लिया। इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। धक्का-मुक्की के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ तब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ा।
कांग्रेस पार्टी का यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधलियों और 'वोट चोरी' के गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सोची-समझी रणनीति के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। पार्टी इसी के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। शहीद स्मारक पर एक विशाल जनसभा आयोजित करने के बाद, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह जत्था मुख्य चुनाव आयुक्त (राजस्थान) के कार्यालय की ओर पैदल मार्च करते हुए घेराव करने के लिए आगे बढ़ा है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने भाषण में कहा कि वोट चोरी और निकाय चुनाव में बीजेपी की बेईमानी के खिलाफ आज जयपुर में राजस्थान कांग्रेस निर्वाचन आयोग का घेराव और विरोध प्रदर्शन करने उतरी है। उन्होंने आमजन और समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए तानाशाह सत्ता को जवाब देने की अपील की।
प्रदर्शन स्थल पर लग रहे नारों को लेकर डोटासरा ने कहा कि व्यक्तिगत नारे लगाने के बजाए आज कांग्रेस के लिए काम करने की जरूरत है। अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बाद कोई दूसरा आएगा, लेकिन कांग्रेस के लिए हमेशा काम करना है'
पूर्व सीएम अशोक गहलोत का संबोधन, बोले 'चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हुए, SIR में करोड़ों नाम काट दिये गए, बड़े बड़े नेताओं के घर नोटिस भेजे गए। चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बनी 'मुख्य चुनाव आयुक्त ने संसदीय संस्था का अपमान किया। वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन देश बचाने की लड़ाई है। कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाना होगा, डेमोक्रेसी को समाप्त करने के लिए ये गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। करो या मरो जैसा मामला हो चुका है अब।'
जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार को कांग्रेस पार्टी का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन उस समय अखाड़े में बदल गया जब मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। 'वोट चोरी' और मतदाता सूचियों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने आज यहां एक महा-प्रदर्शन और चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। हालांकि, विरोध-प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही मंच के पास कार्यकर्ताओं के दो गुटों में किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक और मारपीट हो गई, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
जयपुर में आयोजित इस प्रदर्शन में राजस्थान कांग्रेस के तमाम बड़े और दिग्गज चेहरे फ्रंट फुट पर नजर आ रहे हैं। इस महा-प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
गोविंद सिंह डोटासरा (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
अशोक गहलोत (पूर्व मुख्यमंत्री)
सुखजिंदर सिंह रंधावा (AICC महासचिव और राजस्थान प्रभारी)
टीकाराम जूली (नेता प्रतिपक्ष)
इन शीर्ष नेताओं के अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए जिला अध्यक्ष, स्थानीय विधायक, प्रधान और हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इस पैदल मार्च में शामिल होकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन और संभावित घेराव को देखते हुए जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। शहीद स्मारक से लेकर निर्वाचन कार्यालय और मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल व आरएसी (RAC) के जवानों को तैनात किया गया है।
यदि आप इस समय जयपुर शहर के एमआई रोड, शहीद स्मारक, कलेक्ट्रेट सर्किल या उसके आसपास के इलाकों से गुजरने की सोच रहे हैं, तो आपको भारी ट्रैफिक जाम और बेतरतीब भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।