
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि उनका मानना है कि अगर कांग्रेस एकजुट होकर राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ती है तो वह सत्ता में वापसी करेगी। गहलोत ने असंतुष्ट कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर एक सवाल से बचते हुए आगे कहा कि कांग्रेस में हर कोई आलाकमान के फैसले को स्वीकार करता है।
15 मई को एक बैठक में पायलट ने चेतावनी दी थी कि अगर इस महीने के अंत तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। पायलट गहलोत की पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान कथित घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
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कुछ नेताओं द्वारा अपनी पार्टियों के नेतृत्व वाली सरकारों को अल्टीमेटम देने के सवाल पर गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ये तो मीडिया वाले ज्यादा हाइप क्रिएट कर देते हैं। हम इन (चीजों) पर विश्वास नहीं करते हैं। हमें विश्वास है कि पूरी कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़े तो हम विजयी होकर लौटेंगे।
राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजस्थान को लेकर कांग्रेस अगले कुछ दिनों में दिल्ली में बैठक कर सकती है। बैठक के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने कहा, सभी अपने सुझाव देंगे और उसके बाद आलाकमान द्वारा निर्देश जारी किए जाएंगे।
एक बार आलाकमान कांग्रेस अध्यक्ष एक निर्णय लेता है तो हर कोई निर्णय स्वीकार करता है। गहलोत ने आगे कहा, मुझे उम्मीद है कि जो चर्चा होगी उसमें कर्नाटक का अनुभव हमारे काम आ सकता है। हम सब मिलकर जो निर्णय लेंगे उसे स्वीकार करेंगे और फिर आगे बढ़ेंगे।
गहलोत ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'कर्नाटक की जनता ने (भाजपा को) सबक सिखाया है कि सरकारें चंदे और पैसे खर्च करने से नहीं बनतीं।' कर्नाटक ने जो रास्ता दिखाया है... यह रास्ता देश के हर राज्य में लोगों द्वारा दिखाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का महंगाई राहत शिविर अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और लोगों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस तरह से तैयार किया गया है कि लोगों को महंगाई से राहत मिले।