BJP Fake Tender Case: भारतीय जनता पार्टी के नाम से फर्जी पत्र और फर्जी टेंडर दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल कर पार्टी की छवि धूमिल करने और आर्थिक धोखाधड़ी के प्रयास का बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में बीजेपी राजस्थान सोशल मीडिया विभाग के सह संयोजक अजय विजयवर्गीय ने अशोक नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
BJP Fake Tender Case: भारतीय जनता पार्टी के नाम से फर्जी पत्र और फर्जी टेंडर दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल कर पार्टी की छवि धूमिल करने और आर्थिक धोखाधड़ी के प्रयास का बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में बीजेपी राजस्थान सोशल मीडिया विभाग के सह संयोजक अजय विजयवर्गीय ने अशोक नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने बीजेपी के नाम, लेटरहेड, पदाधिकारियों के नाम और संगठनात्मक संरचना का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित कर पार्टी की छवि खराब करने, लोगों को भ्रमित करने और आर्थिक लाभ लेने की साजिश रची गई।
शिकायत में बताया गया कि फर्जी दस्तावेजों में नमोदूत राजस्थान कैंपेन के नाम से एक कथित आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया गया, जिसमें बीजेपी आईटी सेल, नई दिल्ली और अमित मालवीय के नाम का दुरुपयोग करते हुए 30 करोड़ रुपए के कथित टेंडर, ईएमडी और अन्य वित्तीय व संगठनात्मक विवरण दर्शाए गए। मामले का खुलासा होने के बाद पार्टी के दस्तावेजों को लेकर कड़ी सुरक्षा बरतने के निर्देश जारी हुए हैं।
इसके अलावा बीते 5 मई को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम से एक और फर्जी पत्र जारी किया गया, जिसमें विभिन्न व्यक्तियों को अधिकृत बताकर समन्वय संबंधी निर्देश जारी किए गए। दोनों दस्तावेजों में बीजेपी का लेटरहेड और वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम का दुरुपयोग किया गया।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने फर्जी टेंडर प्रक्रिया के नाम पर ईएमडी राशि जमा कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी राजस्थान नाम से एक बैंक खाता भी साझा किया। शिकायत में स्पष्ट किया गया कि उक्त बैंक खाता भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक खाता नहीं है और पार्टी का उससे किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है।पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।