जयपुर

पार्षद जी… वार्ड का विकास करना है तो विभागों का समझें गणित

वार्ड में सड़क, सीवर, पानी, बिजली और सफाई जैसी समस्याओं के समाधान के लिए पार्षद को किस विभाग से संपर्क करना चाहिए? जानें किस काम की जिम्मेदारी किसकी है और वार्ड के विकास के लिए जरूरी सात सूत्र।
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Oct 04, 2026
Councillor Responsibilities
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जयपुर. सुबह दरवाजे पर दस्तक होती है तो पार्षद के सामने शिकायतों की लंबी फेहरिस्त होती है। कोई कहता है, 'गली में गड्ढे हैं, कभी भी हादसा हो सकता है।' दूसरा सीवर उफनने की शिकायत करता है तो तीसरा स्ट्रीट लाइट बंद होने से पसरे अंधेरे की। जनता के लिए ये सभी समस्याएं एक ही व्यक्ति से जुड़ी हैं, वह है पार्षद, लेकिन इनका समाधान अलग-अलग विभागों के जिम्मे है। ऐसे में पार्षद की असली परीक्षा सिर्फ समस्याएं सुनने में नहीं, बल्कि यह समझने में है कि कौन-सा काम किस विभाग से होगा, किस अधिकारी से बात करनी है और समाधान तक कैसे पहुंचना है। जो पार्षद इस प्रशासनिक तंत्र की समझ विकसित कर लेता है, वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरता है। जो ऐसा नहीं कर पाता, वह शिकायतों और विभागों के बीच उलझकर रह जाता है।

पहले समझिए : कौन-सा काम किसके जिम्मे?

नगर निकाय (निगम/परिषद/पालिका) के जिम्मे...

  • वार्ड की गलियां, अंदरूनी सड़कें
  • सफाई, कचरा संग्रहण व नालियां
  • स्ट्रीट लाइट (कई शहरों में ठेकेदारों के जरिए)
  • पार्क, भवन, बेसहारा पशु
  • जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, नामांतरण, अतिक्रमण पर कार्रवाई

जलदाय विभाग के जिम्मे...

  • पेयजल लाइन, ट्यूबवेल, टैंकर
  • सीवर लाइन व एसटीपी (शहर के हिसाब से निकाय या प्राधिकरण भी)

बिजली डिस्कॉम के जिम्मे

  • खंभे, तार, ट्रांसफार्मर, नया कनेक्शन, बिल

पीडब्ल्यूडी/एनएचएआई के जिम्मे

  • मुख्य और राजकीय मार्ग, राजमार्ग और बाइपास

जेडीए/यूआईटी/विकास प्राधिकरण के जिम्मे

  • उनके अधीन आने वाली योजनाओं की कॉलोनियां, जब तक निकाय को हस्तांतरित न हो जाएं... पट्टे, भूमि उपयोग, भवन मानचित्र

पेंशन: सामाजिक न्याय विभाग

राशन कार्ड: खाद्य विभाग

अस्पताल और टीकाकरण: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

अब जानें उलझनें जो पार्षद के सामने आएंगी

एक सड़क, तीन मालिक: एक ही सड़क का कुछ हिस्सा निकाय का, कुछ पीडब्ल्यूडी का, कुछ प्राधिकरण का हो सकता है। शिकायत से पहले संबंधित विभाग का रिकॉर्ड और नक्शा देख लें।

खुदाई किसने की, मरम्मत कौन करेगा: सड़क खोदने की अनुमति सीवर, पेयजल और बिजली विभाग लेते हैं। खुदाई से पहले ही यह तय करवा लें कि मरम्मत किसके खर्च पर होगी।

पार्षद का अधिकार क्या है: पार्षद का काम निगरानी, प्रस्ताव, बोर्ड बैठक में मुद्दा उठाना व विकास कार्यों की सिफारिश करना है।

पार्षद की गलती: कॉलोनी की स्थिति जाने बिना शिकायत भेज देना। अनुमोदित है या नियमन हुआ है, और हस्तांतरण हुआ या नहीं, इसी से तय होता है कि सड़क-नाली की जिम्मेदारी किसकी है।

पार्षद की सफलता के सात सूत्र

  1. नक्शा और नंबर: वार्ड का नक्शा, कॉलोनियों की स्थिति और जेईएन/एईएन के नंबर डायरी में रखें।
  2. हर शिकायत का हिसाब: तारीख, शिकायत नंबर, किसे दी और क्या जवाब मिला, सब दर्ज करें।
  3. प्रमाण सहित शिकायत: फोटो, लोकेशन और लिखित प्रति के बिना शिकायत न भेजी जाए।
  4. पहले पहचान, फिर शिकायत: सही विभाग में शिकायत जाएगी तो घूमेगी नहीं।
  5. मानसून से पहले सर्वे: नाली-नाले की सफाई और जर्जर खंभे-तार की जांच जून से पहले करवाएं।
  6. महीने में एक जनसुनवाई: शिविर या जनसुनवाई से स्थिति बिगड़ने से पहले शिकायत मिल जाती हैं।
  7. बोर्ड में लिखित एजेंडा: मौखिक बात हवा हो जाती है, लिखा हुआ एजेंडा रिकॉर्ड बनता है।
Updated on:
04 Oct 2026 11:06 am
Published on:
04 Oct 2026 11:06 am
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