राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने अचानक '181 हेल्पलाइन केंद्र' पहुँचकर सबको चौंका दिया। निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने खुद एक परिवादी से बात कर पुलिस थाने की कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत जानी।
राजस्थान की भजनलाल सरकार में सुशासन का असर धरातल पर दिख रहा है। मंगलवार को शासन सचिवालय के गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई, जब राज्य के दो सबसे ताकतवर अधिकारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा, 'राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र' के निरीक्षण पर पहुँच गए। अधिकारियों की इस एंट्री ने न केवल कर्मचारियों को मुस्तैद कर दिया, बल्कि सुशासन की दिशा में एक कड़ा संदेश भी दिया। यहाँ मुख्य सचिव ने व्यवस्थाओं को परखा, तो वहीं डीजीपी ने खुद हेडफोन लगाकर एक पीड़ित की लाइव शिकायत सुनी और पुलिस अधिकारियों की क्लास ली।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी राजीव शर्मा ने कागजी रिपोर्ट के बजाय 'लाइव एक्शन' पर भरोसा किया। उन्होंने जयपुर ग्रामीण के फागी वृत्त के एक प्रकरण की केस-स्टडी की।
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने संदेश पट्ट पर इस प्रणाली को देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में प्रमाणित किया।
राजस्थान संपर्क पोर्टल के आंकड़े राज्य में हो रहे त्वरित समाधान की गवाही दे रहे हैं।
डीजीपी राजीव शर्मा ने अपने संदेश में इस भ्रमण को एक 'आई-ओपनर' अनुभव बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि: