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राजस्थान से गुजरने वाली ट्रेनों और यहाँ के रेलवे स्टेशनों पर अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की पैनी नजर है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने डिजिटल फ्रॉड और टिकटिंग में होने वाली धांधलियों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष एआई सेल का गठन किया है। यह सेल केवल एक तकनीकी विभाग नहीं, बल्कि रेलवे का वह 'तीसरा नेत्र' है जो इंसानी नजरों से बच जाने वाली सूक्ष्म गड़बड़ियों को भी सेकंडों में पकड़ लेता है। पिछले तीन महीनों से गुप्त रूप से सक्रिय इस सेल ने अब बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।
हाल के दिनों में उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में टिकटों के साथ छेड़छाड़ और फर्जी बुकिंग के अजीबोगरीब मामले सामने आए थे।
उत्तर पश्चिम रेलवे का यह एआई सेल बहुआयामी तरीके से काम कर रहा है:
एआई सेल का काम सिर्फ पकड़ना नहीं, बल्कि बचाना भी है। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रशासन अब अपने स्टाफ को नई तकनीकों और बदलते 'फ्रॉड ट्रेंड्स' के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। रेलकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे एआई द्वारा दिए गए इनपुट पर त्वरित एक्शन ले सकें।
उत्तर पश्चिम रेलवे का मुख्यालय जयपुर में है, इसलिए इस एआई सेल का सबसे ज्यादा फायदा राजस्थान के स्टेशनों को मिल रहा है। जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और जयपुर जैसे व्यस्त स्टेशनों पर एआई का यह पहरा अब यात्रियों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 'जीरो फ्रॉड' की स्थिति पैदा की जाए।
Updated on:
26 Apr 2026, 3:02 PM IST
Published on:
26 Apr 2026, 3:02 PM IST
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