
RTO E-Challan Cyber Fraud
राजस्थान पुलिस की तरफ से वाहन मालिकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की गई है। अगर आपके मोबाइल पर भी आरटीओ (RTO) या ई-चालान के भुगतान का कोई मैसेज आया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले दस बार सोचें। दरअसल, राजस्थान में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा शातिर तरीका निकाला है जिसमें आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी जमापूंजी छीन सकती है। राजस्थान पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर प्रदेश की जनता को इस 'डिजिटल डकैती' से बचने के लिए सतर्क किया है।
साइबर ठग अब सीधे सरकारी सिस्टम की नकल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक संदेश में साफ कहा गया है कि, "आपका एक गलत क्लिक आपकी मेहनत की कमाई छीन सकता है।"
1. पुष्टि करना जरूरी: पुलिस ने अपील की है कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने के बजाए चालान की वास्तविकता जानने के लिए सीधे संबंधित आरटीओ कार्यालय या 'परिवहन सेवा' की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
2. अनजान लिंक से तौबा: किसी भी अनजान नंबर से आई फाइल को डाउनलोड न करें।
3. सजगता ही सुरक्षा: पुलिस के अनुसार, आपकी सतर्कता ही इन ठगों का सबसे बड़ा तोड़ है।
प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में वाहन चालान की सख्ती बढ़ी है, जिसका फायदा अब साइबर अपराधी उठा रहे हैं। उन्हें पता है कि 'चालान' का नाम सुनकर आम आदमी घबरा जाता है और बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देता है। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ चालान भरने के चक्कर में लोगों ने लाखों रुपये गंवा दिए।
.gov.in होता है। अगर लिंक में ऐसा नहीं है, तो वह फर्जी है।www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।Updated on:
26 Apr 2026, 12:00 PM IST
Published on:
26 Apr 2026, 12:00 PM IST
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