जयपुर

ई-कॉमर्स के रास्ते साइबर ठग एक लिंक से करते खेला, ठगी की रकम से शॉपिंग, गैंग के तार नेपाल से जुड़े

जयपुर। राजधानी के साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये संगठित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

2 min read
Jan 02, 2026
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

जयपुर। राजधानी के साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये संगठित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है और ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन व अन्य सामान नेपाल के रास्ते विदेशों में भेजा जा रहा था।

पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव निवासी अमोल चौपड़ा और प्रताप नगर स्थित हल्दीघाटी मार्ग निवासी सक्षम खण्डेलवाल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अमोल को जेल भेज दिया गया, जबकि सक्षम को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया।

ये भी पढ़ें

जयपुर पुलिस ने 2 महीने में MD, स्मैक, गांजा समेत इतने करोड़ का पकड़ा नशा, 152 तस्कर गिरफ्तार, विदेशी नागरिक और महिलाएं भी शामिल

उन्होंने बताया कि एडवांस्ड क्रिमिनल इंटेलिजेंस के तहत सत्यापन के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर फ्लिपकार्ट, अमेजॉन, स्विगी, जेप्टो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये की जा रही ठगी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

मैलिशियस लिंक से मोबाइल हैक

स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी आमजन को फर्जी और मैलिशियस लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को हैक करते थे। हैक किए मोबाइल से पीड़ितों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी चुराकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर महंगे मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान ऑर्डर किए जाते थे।

आरोपी थर्ड पार्टी एप्लिकेशन और डिजिटल आइडेंटिटी थेफ्ट के जरिये भुगतान करते थे। वे त्वरित डिलीवरी सेवाओं, जैसे फ्लिपकार्ट मिनट का दुरुपयोग कर बेहद कम समय में सामान हासिल कर लेते थे, जिससे पीड़ित को ठगी का आभास भी नहीं होता था।

क्रिप्टोकरेंसी से छिपाते लेन-देन

डीसीपी क्राइम अभिजीत सिंह ने बताया कि अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पुलिस जांच से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लेन-देन करते थे। ऐसे में आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं था। तकनीकी जांच में जानकारी जुटाने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका है। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच जारी है।

ये भी पढ़ें

Jaipur: फर्जी वेबसाइट बनाकर SUV स्कैम, 6 लाख में SUV का झांसा देकर 20 करोड़ की ठगी, तकनीकी एक्सपर्ट अरेस्ट

Also Read
View All

अगली खबर