जयपुर

इस छत के नीचे काम करने से लगता है डर

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Aug 09, 2018
rajasthan news
इस छत के नीचे काम करने से लगता है डर

श्रीगंगानगर. कोर्ट में पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए अपर लोक अभियोजक अपने ही ऑफिस की छत बदलवाने के लिए बेबस नजर आ रहे है। पुराने चिकित्सालय का भवन अब सीएमएचओ ऑफिस के रूप में तब्दील हो चुका है। वहां एससीएसटी एक्ट के स्पेशल कोर्ट के अपर लोक अभियोजक और एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत में अपर लोक अभियोजकों का एक संयुक्त रूप से कार्यालय इस पुराने भवन में संचालित हो रहा है। लेकिन उसकी छत की हालात जर्जर हो चुकी है, प्लस्तर उखड़ चुका है और वहां लोहे की गार्डर जब जवाब दे चुकी है। नाकारा हो चुके इस भवन के इस कमरे में संचालित एपीपी ऑफिस में काम करने वाला स्टाफ अंदर कम और बाहर ज्यादा खड़ा रहने को मजबूर है। कब प्लस्तर उखडक़र गिर जाएं, यह आंशका बनी रहती है।

एससीएसटी मामलों की स्पेशल कोर्ट के एपीपी बनवारीलाल कड़ेला ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनके कार्यालय की ओर से पिछले नौ सालों से सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला कलक्टर से बार बार छत बदलने की मांग को लेकर पत्र व्यवहार किया जा रहा है। लेकिन इस माले को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एपीपी कड़ेला का कहना है कि बड़ा हादसे के बाद कोई भी विभाग सावचेत होता है, इस हादसे को रोका जा सकता है लेकिन इसको रोकने के लिए नहीं लेता है।

Published on:
09 Aug 2018 11:48 am