
जयपुर। नरैना में सोमवार रात हादसे में बचे एकमात्र अंकित की हालत गम्भीर है। हादसे के बारे में परिजन जब भी पूछते हैं तो अंकित कहता है, ऐसे लगा जैसे हमारी गाड़ी खाई से गिर गई। पता ही नहीं चला कब कैसे हो गया। मेरे दोस्त कैसे हैं?
मौत से जूझ रहे अंकित को फिलहाल पता नहीं है कि हादसे में वह अपने चारों दोस्तों को खो चुका है। एसएमएस अस्पताल में कुछ घंटे तक इलाज के बाद परिजन उसे सीकर रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां उसे आइसीयू में रखा गया है। अंकित के भाई अंकुश ने बताया, सोमवार रात करीब एक बजे उसे ट्रोमा सेंटर में लाया गया था। वहां कुछ असर नजर नहीं आया। सुबह तक उसके चेहरे पर लगा खून भी साफ नहीं हुआ। इस पर सुबह 7-8 बजे उसे निजी अस्पताल ले गए।
कहां से आएंगे इलाज के पैसे
परिजनों का कहना है कि अंकित की रीढ़ व जांघ की हड्डी, लिवर और पसलियों में चोटें आई हैं। खून का थक्का जमा हुआ है। सिर पर भी चोट लगी है। अंकुश ने बताया, हम 2 भाई हैं। पिता हैंडीक्राफ्ट का काम करते हैं और मैं टैक्सी चलाता हूं। घर ठीक से चल रहा था लेकिन अंकित की हालत ने चिंता बढ़ा दी है। इलाज का खर्च 10 लाख रुपए से ज्यादा बताया जा रहा है जबकि परिवार की माली हालत इस काबिल नहीं है।
दोस्त की मां ने पूछा हाल
पांचों दोस्त सोमवार दोपहर करीब डेढ़-दो बजे जयपुर से निकले थे। रात 12 बजे हादसे की सूचना मिली थी। सभी को डॉग पसंद थे। रीतेश डॉग खरीदता-बेचता भी था। अच्छी नस्ल का डॉग लेने गए और लौटते समय हादसा हो गया। उधर रीतेश की मां ने भी फोन कर अंकित का हाल पूछा। गौरतलब है कि हादसे में जयपुर के पुरानी बस्ती निवासी चिकू उर्फ विकास, गुर्जर कॉलोनी झोटवाड़ा निवासी सागर उर्फ सोमेश धाबाई, श्रीरामनगर झोटवाड़ा निवासी रितेश उर्फ मणि और रींगस निवासी महेन्द्र सिंह की मौत हो गई थी। निवारू रोड निवासी अंकित उर्फ गोलू अग्रवाल घायल हो गया था।
Published on:
09 Aug 2018 09:08 am
