
Jaipur Horrific Accident : जयपुर में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। जय अम्बे नगर निवासी सुमित गुस्से में आकर जगतपुरा स्थित सीबीआइ फाटक के रेल पटरी पर बैठ गया। आज उसे कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। सिर्फ जान देने पर आमादा था। इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी 15 वर्षीय बेटी निशा अपने पिता से लगातार गुहार कर रही थी कि पापा घर चलो। पर उसने बेटी की भी बात भी नहीं सुनी। बेटी निशा पिता को बचाने के लिए काफी मशक्कत करती रही। इस मशक्कत में हरिद्वार मेल ट्रेन आ गई और उसकी चपेट में आने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु हो गई।
मिलाप नगर निवासी रिश्तेदार सत्यनारायण ने बताया कि पहले सुमित ने वीडियो कॉल किया और रेलवे लाइन दिखाई। उससे पूछा कि कहां पर है, तब उसने जगह का नाम नहीं बताने के लिए कहा। लेकिन 10.40 बजे निशा ने फोन किया और कहा कि पापा रेलवे पटरी पर बैठे हैं और हट नहीं रहे हैं। निशा और सुमित का बड़ा भाई गणेश दोनों उसको हटाने के लिए काफी मशक्कत करते रहे। लेकिन सुमित ने दोनों की एक नहीं सुनी।
रेलवे पटरी से हटाने की खींचतान में निशा और गणेश भी रात 11.15 बजे ट्रेन की चपेट में आ गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तीनों के शव जयपुरिया अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए, जहां पर सोमवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। सुमित कैब चलाता था और गणेश मजदूरी करता था।
रिश्तेदारों ने मृतक के परिजन को अभी हादसे की सूचना नहीं दी। देर रात डेढ़ बजे भी रिश्तेदार सुमित की तलाश में निशा और गणेश के इधर-उधर जाने की सूचना देते रहे। परिजन की निशा व गणेश से बात नहीं होने पर उन्होंने कोई अनहोनी होने की आशंका भी जताई।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि सुमित रविवार रात घर पर कहासुनी होने के बाद नाराज होकर निकल गया। पीछे से उसका भाई और बेटी भी उसे वापस लाने के लिए रवाना हो गए। देर रात सुमित इंदिरा गांधी नगर के नजदीक सीबीआइ फाटक पर रेलवे लाइन पर आत्महत्या करने पहुंच गया। बड़ा भाई और बेटी उसको बचाने के प्रयास में चपेट में आ गए। हालांकि बाद में मामला खोनागोरियान थाना क्षेत्र का निकला, तब खोनागोरियान थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।