जयपुर

राजस्थान में SIR फॉर्म भरवाने की समयसीमा समाप्त, जानें कब होगा मतदाता सूची का प्रकाशन

राजस्थान में एसआईआर फॉर्म भरवाने की समयसीमा समाप्त हो गई है। निर्वाचन आयोग ने सात राज्यों के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया है, जबकि पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम ही लागू रहेगा।
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Dec 12, 2025
SIR forms ends in Rajasthan
SIR फॉर्म भरवाने की समयसीमा समाप्त (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत राजस्थान सहित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फॉर्म भरवाने की समयसीमा गुरुवार को पूरी हो गई। मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट 16 दिसंबर को जारी होगा।

उधर, निर्वाचन आयोग ने गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए समयसीमा बढ़ाकर एसआईआर का संशोधित कार्यक्रम जारी किया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम के अंतर्गत तमिलनाडु और गुजरात में एसआईआर फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया 14 दिसंबर तक जारी रहेगी और मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट 19 दिसंबर को जारी होगा।

वहीं, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान निकोबार में 18 दिसंबर तक फॉर्म भरे जा सकेंगे और 23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे और ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 दिसंबर को जारी होगी।

राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और पश्चिम बंगाल में फॉर्म भरवाने की समयसीमा गुरुवार को समाप्त हो गई, जहां 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। बूथ लेवल अधिकारियों से अब नए मतदाताओं के फॉर्म भरवाकर उन्हें ऑनलाइन करने को कहा है। इन मतदाताओं को भी फरवरी में जारी होने वाले अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इसे ‘टीम राजस्थान की बड़ी सफलता’ बताया। उन्होंने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक बीएलओ, सहायक कार्मिक, पर्यवेक्षक, एईआरओ, ईआरओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने पूरी निष्ठा से काम करते हुए यह उपलब्धि सुनिश्चित की।

मतदाता मैपिंग में भी राजस्थान ने बाजी मार ली है। राज्य में 6 दिसंबर तक 97% से अधिक मैपिंग कार्य पूरा कर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया गया। अब मात्र 3% मतदाताओं को ही दावे-आपत्तियों की अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

अधिकारियों के अनुसार, उच्च स्तरीय मैपिंग ने SIR प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया है, जिससे मतदाताओं को बार-बार कागजी दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बूथ स्तर पर औसतन सिर्फ 30 मतदाताओं को ही सत्यापन कराना होगा।

Published on:
12 Dec 2025 07:34 am