
जयपुर। दो दशक से चले आ रहे करौली के पांचना बांध जल विवाद का समाधान तलाशने के लिए मंगलवार को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में उच्च स्तरीय बैठक हुई। पहले चरण में वार्ता विफल हो गई। इसमें दोनों पक्षों के अलावा तीन मंत्री और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। सहमति नहीं बनने और विवाद के हालात बनने पर मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना नाराज होकर बैठक छोड़कर चले गए।
उसके बाद फिर रात में दुबारा हुई बैठक में यह सहमति बनी कि जल संसाधन विभाग 7 दिन में पानी छोड़ने का निर्णय लेगा। बैठक के बाद डॉ. जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, किरोड़ीलाल मीना और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पानी छोड़ने के लिए अलावा सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने की मांग पर चर्चा हुई।
रावत ने कहा, लंबे समय से चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। क्षेत्र के किसानों के हित, विकास के लिए जो भी कुछ बन सकेगा, राजस्थान सरकार करेगी। इसमें मुख्यमंत्री की सकारात्मक भूमिका रही है। मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने कहा, चार जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के बाद पानी छोड़ने का निर्णय हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार वार्ता विफल होने के बाद जब किरोड़ीलाल मीना बाहर चले गए, उसके बाद सरकार के स्तर पर यह विचार किया गया कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री का दौरा है, तब तक किसी भी तरह विवाद को टालना चाहिए। इसलिए बाद में तीन मंत्रियों के बीच यह सहमति बनी कि पानी छोड़ने के लिए निर्णय के लिए सात दिन का समय देना चाहिए।
इस अवसर पर जल संसाधन संसाधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद्र विश्नोई, ग्रामीण विकास सचिव कृष्ण कुणाल, सवाईमाधोपुर कलक्टर कानाराम, करौली कलेक्टर अक्षय गोदारा, सवाईमाधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रीय, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Q बैठक के दौरान पहले किरोड़ी लाल मीना नाराज होकर बाहर चले गए थे, लेकिन उनके लौटने के बाद ही सहमति बन गई। ऐसा क्या हुआ?
वे थोडी देर के लिए किसी जरूरी काम से बाहर गए थे और फिर वापस आ गए।
Q फिर अचानक सहमति कैसे बनी ?
दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातें रख रहे थे। यह करीब 20 साल पुराना विवाद है, इसलिए सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना में ढिलाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांचना बांध के कमांड एरिया की नहरों में पानी क्यों नहीं दिया जा रहा। तीन सप्ताह के भीतर पानी छोड़ दिया जाए, अन्यथा 27 जुलाई को स्पष्टीकरण देने के लिए करौली कलक्टर व संबंधित अधिशासी अभियंता कोर्ट में हाजिर हों। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश मनीष शर्मा की खंडपीठ ने कांग्रेस विधायक रामकेश मीना व अन्य की जनहित याचिकाओं व एक अवमानना याचिका पर मंगलवार को यह आदेश दिया। सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि स्थानीय स्तर पर विरोध के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है। सरकारी पक्ष ने अदालती आदेश की पालना के लिए 15 दिन का समय मांगा।
सात दिन में कमांड एरिया के गांवों को बांध का पानी छोड़ने पर सहमति बन गई है। दोनों पक्षों में सहमति से मैं खुश हूं। इस समझौते से दोनों पक्ष के किसानों के बीच 20 वर्ष से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। अब शांति स्थापित हो सकेगी।
-रामकेश मीना, विधायक, हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता