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Jagan Gurjar Murder: डकैत जगन गुर्जर का कातिल विष्णु अजान कैसे बना गैंगस्टर, ग्रामीण बोले-हमें हमले की आशंका का डर

Jagan Gurjar Murder Accused Vishnu: जगन गुर्जर हत्याकांड के आरोपी विष्णु अजान की अपराध की कहानी गांव से शुरू होकर गैंग तक पहुंची। घटना के बाद अजान गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण हमले की आशंका को लेकर सतर्क हैं।
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Jagan Murder Case Accused Vishnu Ajan

आरोपी की फोटो: पत्रिका

Jagan Gurjar Death Case Update: जगन गुर्जर हत्याकांड के आरोपी विष्णु अजान के अपराध की कहानी गांव से शुरू होकर गैंग तक पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार शुरुआती दौर में छोटे अपराधों में शामिल रहने वाला विष्णु बाद में गलत संगत के कारण बड़े अपराधियों के संपर्क में आ गया। अब अजान के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका को लेकर सतर्क हैं।

महंगे शौक और गलत संगत से अपराध की दुनिया में आया विष्णु

ग्रामीणों के अनुसार विष्णु अजान को महंगे शौक और नशे की आदत ने अपराध की ओर धकेला। शुरुआत में वह छोटे-मोटे अपराध करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसका संपर्क अपराधियों से बढ़ता गया। वर्ष 2023 में कई मामलों में गिरफ्तार होने के बाद वह सेवर जेल पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात कृपाल गैंग के सदस्यों से हुई। जेल से बाहर आने के बाद विष्णु का गैंग से जुड़ाव और मजबूत हो गया। इसके बाद वह गैंग की गतिविधियों में शामिल होने लगा।

गांव में हर ओर सन्नाटा, हमले की आशंका से ग्रामीण सतर्क

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अजान गांव की कुल आबादी 7,240 है। इसमें 3,836 पुरुष और 3,404 महिलाएं शामिल हैं। गांव में कुल 1,187 परिवार रहते हैं और साक्षरता दर 72.51 प्रतिशत है। यह गांव करीब 1428.6 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

घटना के बाद मंगलवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। तिबारों में बैठे ग्रामीण आपस में घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि विष्णु ने जिस पूर्व दस्यु की हत्या की है उसके बाद किसी हमले की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से गांव के लोग सतर्क हैं। हमें डर है कि कोई हमला न हो जाए।

भैंस चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर

ग्रामीणों के अनुसार विष्णु अजान गांव का रहने वाला है, जो पहले भरतपुर जिले में शामिल था और अब डीग जिले के उद्योगनगर थाना क्षेत्र में आता है। गांव के लोगों का कहना है कि अपराध की शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी। बताया गया कि शुरुआत में वह गांव की भैंसों को पोखर के पास से खोलकर ले जाता और उन्हें कबाड़ में बेच देता था। इससे मिलने वाले पैसों से वह नशे का शौक पूरा करता था। इसको लेकर कई बार उसे ग्रामीणों की नाराजगी और मारपीट का सामना भी करना पड़ा। बाद में गांव से दूर जाकर उसने बाइक चोरी जैसे अपराध शुरू कर दिए।