scriptअजमेर जेल में रची जा रही कुलदीप जघीना गैंग के खात्मे की साजिश | A conspiracy to eliminate Kuldeep Jaghina gang is being hatched in Ajmer jail | Patrika News
भरतपुर

अजमेर जेल में रची जा रही कुलदीप जघीना गैंग के खात्मे की साजिश

-कृपाल जघीना व कुलदीप जघीना गैंग की बीच गैंगवार की आशंका
-राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में बड़ा खुलासा, खुद पुलिस की जांच टीम ने किया स्वीकार

भरतपुरJun 29, 2024 / 07:18 pm

Meghshyam Parashar


कृपाल सिंह जघीना व कुलदीप जघीना गैंग के बीच अब गैंगवार की आशंका बनी हुई है। अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में कुलदीप जघीना गैंग के खात्मे की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। जेल से ही बदमाश साथियों से डील कर रहे हैं। इतना ही नहीं बदमाशों ने रकम, हथियार और जगह तक की कहानी लिख डाली है। राजस्थान पत्रिका ने जब इन दोनों गैंग के बीच पिछले छह महीने से चल रही साजिश पर पड़ताल की तो यह सच सामने आया है। हालांकि खुद पुलिस की विशेष टीम की जांच में इन तथ्यों का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार कृपाल जघीना गैंग के मुखिया कृपाल सिंह व कुलदीप जघीना गैंग के मुखिया कुलदीप सिंह की हत्या के बाद से दोनों गैंग के बीच पूर्व से रंजिश चली आ रही है। ऐसे में वारदात रोकने व कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने इन दोनों गैंग के सदस्यों पर नजर रखे हुए हैं। बताते हैं कि हाई सिक्यूरिटी जेल अजमेर में बंद पंकज जेल में रहकर गंभीर वारदातों को अंजाम देने का षड्यंत्र रच रहा है तथा गैंगवार के चलते कृपाल जघीना हत्याकांड के आरोपी प्रभाव व उसके साथ लक्की व हिम्मत पर हमला करा सकता है। पुलिस की विशेष टीम को एसपी के आदेश पर जांच के लिए इस आशय की सूचना प्राप्त हुई। जांच के दौरान तकनीकी व गोपनीय सूचना जरिये सूचना के तथ्यों के संबंध में जांच की गई। जांच में पाया गया कि भरतपुर में दो गैंग सक्रिय है। एक गैंग कृपाल जघीना व दूसरी गैंग कुलदीप जघीना की है। दोनों गैंग सरगना आपसी गैंगवार में एक-दूसरे के गैंग की ओर से मारे जा चुके हैं। इस संबंध में मथुरा गेट व हलैना थाने में मामले दर्ज हैं। दोनों गैंग के सरगनाओं कुलदीप व कृपाल हत्याकांड में दोनों गैंग के विभिन्न सदस्य गिरफ्तार हुए। इनमें से कृपाल गैंग के अधिकतर सदस्य न्यायिक अभिरक्षा में है और कुलदीप गैंग के अधिकतर सदस्य न्यायिक अभिरक्षा से जमानत पर बाहर है। कुलदीप गैंग के सरगना कुलदीप जघीना की हत्या के बाद गैंग की आपराधिक गतिविधियों व कुलदीप के परिवार व कार्यालय को संभालने की जिम्मेदारी प्रभाव उर्फ प्रभात उर्फ भोला के न्यायिक अभिरक्षा से बाहर आने तक हिम्मत सिंह जाट पुत्र सरदारसिंह निवासी तेजा हॉस्पिटल के पीछे जघीना गेट भरतपुर संभालता रहा। प्रभाव उर्फ प्रभात उर्फ भोला ने न्यायिक अभिरक्षा से जमानत पर आने के बाद कुलदीप जघीना गैंग की आपराधिक गतिविधियां व पारिवारिक देखभाल का जिम्मा संभाल लिया। इसमें लोकेंद्र जाट उर्फ लक्की पुत्र हमवीर सिंह निवासी तुहिया हाल रूंधिया नगर वर्तमान में हाई सिक्युरिटी जेल अजमेर में न्यायिक अभिरक्षा में है। साथ ही कृपाल का भतीजा पंकज जाट पुत्र रविंद्र सिंह निवासी जघीना भी न्यायिक अभिरक्षा में अजमेर जेल शामिल है। मुखबिर ने बताया है कि रोहित हथैनी नाम का एक लडक़ा है। इसके संपर्क में प्रशांत चौधरी व लोकेश चौधरी नाम के दो लडक़े हैं। जो जयपुर में रहकर पढ़ रहे हैं। दोनों गांव सोगर थाना कुम्हेर के रहने वाले हैं। प्रशांत चौधरी व लोकेश चौधरी से रोहित हथैनी पंकज के कहने पर प्रभाव उर्फ भोला एवं कुलदीप गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों पर जानलेवा हमला करवाकर हत्या करने की फिराक में है। रोहित हथैनी व प्रशांत चौधरी व लोकेश चौधरी की मोबाइल पर बात होती रही है। गांव जघीना के रहने वाले बल्लू उर्फ बलराम न्यायिक अभिरक्षा में बंद पंकज जघीना के संपर्क में है। वह कुलदीप गैंग की सभी गतिविधियों के बारे में सूचनाएं देता है। पंकज की इंस्टाग्राम आईडी को ऑपरेट करके अपना प्रभुत्व जमाने के उद्देश्य से उत्तेजित करने वाले मैसेज पोस्ट एवं रील्स डालता है। इसके अलावा पंकज जघीना जेल से मोहित रेसलर जघीना, परमवीर एवं गब्बर नाम के लडक़ों के भी संपर्क में है। इनमें प्रभाव उर्फ भोला, लोकेंद्र उर्फ लक्की, हिम्मतसिंह की रेकी करवा कर उस पर जानलेवा हमला करवाकर हत्या करने की फिराक में है। बल्लो उर्फ बलराम व मोहित रेसलर की आपस में मोबाइल नंबर पर बात हुई हैं।
10 जून को रोहित ने प्रशांत व लोकेश को बुलाया

10 जून को रोहित ने जयपुर से प्रशांत चौधरी, लोकेश चौधरी को भरतपुर बुलाया है और अपने अन्य साथियों से भरतपुर में मिलकर कोई वारदात करने की योजना बनाई है। पंकज जघीना एवं रोहित हथैनी के मध्य हुई वार्तानुसार पंकज जघीना की ओर से रोहित हथैनी को अपने अन्य साथियों की मदद से प्रभाव व कुलदीप गैंग के अन्य सदस्यों की रैकी करने, लोकेश एवं प्रशांत के संपर्क में रहते हुए उन्हें गंभीर वारदात करने तक कहीं रुकवाने, पैसे एवं हथियारों की व्यवस्था करने और बाद गंभीर वारदात के सुरक्षित तरीके से भागने और पुलिस से छिपने के बारे में चर्चा की है। हालांकि अब दोनों मोबाइल नंबर बंद हैं।
जांच रिपोर्ट में यह…

पुलिस की विशेष टीम की जांच में पाया गया है कि पंकज जाट निवासी जघीना, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा हाई सिक्युरिटी जेल अजमेर में है। कुलदीप जघीना हत्याकांड में अजमेर जेल में बंद आरोपी पंकज जघीना की ओर से गैंग के अन्य सहयोगियों रोहित हथैनी, प्रशांत चौधरी, लोकेश चौधरी, शुभम लवानियां, बल्लू उर्फ बलराम, मोहित रेसलर जघीना, गब्बर, परमवीर की ओर से शहर में अपना प्रभुत्व और दबदबा कायम रखने के लिए दुबारा से कुलदीप गैंग से जुड़े प्रभाव उर्फ भोला, लोकेंद्र जाट उर्फ लक्की एवं हिम्मत सिंह पर फायरिंग करने अथवा हत्या जैसी किसी घटना को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। दोनों ही गैंग सोशल मीडिया फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर इस तरह के दावे कर आमजन में भय पैदा करने, अपनी पूर्व की रंजिश व गैंगवार का बदला लेने एवं शहर में कुलदीप गैंग के सदस्यों पर हत्याकांड को अंजाम देने के लिए षड्यंत्र कर रही हैं।
एक ही गांव में जन्मे दोनों गैंग के मुखिया

मामला यह है कि कृपाल और कुलदीप दोनों ही गैंग के मुखिया गांव जघीना में जन्मे हैं। शुरुआत में दोनों के बीच चाचा-भतीजे का संबंध हुआ करता था, लेकिन एक जमीन के खरीद-फरोख्त के लालच में दोनों गैंग के बीच गैंगवार छिड़ गई। इसमें सबसे पहले चार सितंबर 2022 को रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य कृपाल सिंह जघीना की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में जमीन विवाद की बात सामने आई थी। गैंग के मुखिया कुलदीप सिंह जघीना ने अपने साथियों के साथ मिलकर कृपाल सिंह की हत्या कर दी थी। कृपाल सिंह को तीन गोलियां लगी थीं। इसके बाद 12 जुलाई 2023 को भरतपुर के आमोली टोल प्लाजा पर रोडवेज बस से पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर लाए जा रहे कुलदीप जघीना की कृपाल जघीना गैंग ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी।
दोनों ही गैंग के बीच जल रही बदले की आग

पड़ताल में सामने आया है कि अकेले कृपाल सिंह जघीना गैंग ही बदले की राह पर नहीं है, बल्कि कुलदीप जघीना गैंग भी खुद को मजबूत करने में पिछले कुछ समय से जुटी हुई है, लेकिन बार-बार पुलिस के पास इनपुट पहुंचने से दोनों ही गैंग की योजना सफल नहीं हो पा रही है। दोनों ही अन्य मजबूत गैंगों को भी अपने साथ जोडऩा चाहती है, लेकिन पुलिस के प्रभाव के कारण यह भी संभव नहीं हो पाया है। हालांकि यह तय है कि बदले की आग दोनों ही गैंगों के बीच जल रही है।

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