
राजस्थान के डीडवाना शहर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मच गया है। राज्यपाल के कार्यक्रम में संभावित विरोध-प्रदर्शन और हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस की एक टीम ने 15 अगस्त की मध्यरात्रि (रात करीब 12 बजे) छात्र नेता शुभम रेवाड़ के घर पर अचानक दबिश दी। पुलिसकर्मियों द्वारा आधी रात को घर पहुंचकर थाने ले जाने के प्रयास का वीडियो खुद शुभम रेवाड़ ने रिकॉर्ड कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
शुभम रेवाड़ ने वीडियो पोस्ट करते हुए पुलिस और राज्य सरकार की इस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस को केवल इस बात की आशंका थी कि वे राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन दर्ज करा सकते हैं, जिसके चलते बिना किसी लिखित आदेश या गैर-कानूनी गतिविधि के उनके घर पुलिस भेज दी गई।
छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने अपने वीडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पुलिस-प्रशासनिक कार्रवाई के औचित्य पर कई सवाल खड़े किए हैं। शुभम ने पूछा कि क्या केवल संभावित शांतिपूर्ण विरोध की आशंका के आधार पर आधी रात को किसी नागरिक के घर पहुंचकर उसे हिरासत में लेने की कोशिश करना कानूनन सही है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना संवैधानिक अधिकार है। जब तक कोई गैर-कानूनी गतिविधि न की गई हो, तब तक इस तरह का दबाव बनाना अनुचित है। शुभम ने साफ किया कि पुलिस के डर या दबाव से युवाओं की आवाज नहीं दबेगी और वे छात्र हितों की लड़ाई लगातार जारी रखेंगे।
शुभम रेवाड़ पिछले दिनों राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और 'राजस्थानी भाषा विभाग' की स्थापना की मांग को लेकर 15 दिनों तक बेमियादी 'अन्न-जल त्याग' अनशन पर रहे थे।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जिला कलेक्टर के प्रशासनिक आश्वासन के बाद उन्होंने अनशन खत्म किया था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वे राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की सहमति से संतुष्ट हैं, लेकिन छात्रसंघ चुनाव की निश्चित तिथि घोषित न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा था कि सिर्फ कमेटी बनाने या गोल-मटोल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, सरकार को स्पष्ट तारीख बतानी होगी।
डीडवाना शहर में 16 अगस्त 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शिरकत कर रहे हैं।
इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में राज्यपाल के साथ राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया, कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत, नागौर की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसी वीआईपी मूवमेंट के चलते स्थानीय पुलिस प्रशासन मुस्तैद है और कार्यक्रम में किसी भी तरह के व्यवधान को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है।