जयपुर

डीपफेक का जहर: पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा ने विदेश मंत्री जयशंकर के AI वीडियो से फैलाई अफवाह

DeepfakeAlert: Operation Sindoor में राजस्थान के MiG-29 क्रैश को फेक करके फैलाया था प्रोपगैंडा। PIB ने फिर बेनकाब किया।

3 min read
Mar 11, 2026

Pakistani Propaganda: जयपुर. मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, भारत एक बार फिर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन दुष्प्रचार का सामना कर रहा है। इन फर्जी अभियानों का मुख्य केंद्र पाकिस्तान का सोशल मीडिया हैंडल बताया जा रहा है। हाल ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं कि भारत मुस्लिम देशों को इजरायल को तंग करने की इजाजत नहीं देगा और इजरायल ने भारत की अपील पर अफगान तालिबान को 3 अरब डॉलर दिए हैं, यह पूरी तरह फर्जी निकला है।

ये भी पढ़ें

साइबर ठगों पर पुलिस का ‘प्रहार’: e-Zero FIR और रीयल-टाइम फ्रीज से 8,189 करोड़ रुपए बचाए

AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसे AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो करार दिया है, जो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स द्वारा फैलाया जा रहा है। यह घटना डिजिटल युग में मिसइनफॉर्मेशन के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां AI टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए किया जा रहा है। PIB फैक्ट चेक ने इसे AI-जनरेटेड डीपफेक करार दिया, जो लोकसभा के मूल भाषण को एडिट करके बनाया गया। मंत्री जयशंकर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

पब्लिक को गुमराह करने के लिए बनाया वीडियो

फैक्ट चेक यूनिट ने इसे AI जनरेटेड डीपफेक बताया, जो पब्लिक को गुमराह करने के लिए बनाया गया। मूल वीडियो में जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे, लेकिन कोई विवादास्पद दावा नहीं किया। इस वीडियो को पाकिस्तान से जुड़ी व्यापक मिसइनफॉर्मेशन कैंपेन का हिस्सा बताया गया।

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दे रहा पाक

इसी तरह की फर्जी क्लिप्स सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना अधिकारियों की भी फैलाई गई हैं, जो ईरानी जहाज डूबने से जुड़ी अफवाहें फैला रही हैं। यह प्रोपेगैंडा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर तेजी से फैला, जहां हजारों व्यूज और शेयर्स हुए। PIB ने इसे पाकिस्तानी अकाउंट्स से जोड़ा, जो भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑर्गनाइजर जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया कि पाकिस्तान AI का इस्तेमाल करके भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दे रहा है।

217 से ज्यादा AI-जनरेटेड डीपफेक पहचाने गए

पाकिस्तान ने मई 2025 में Operation Sindoor (पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में PoK और पाकिस्तान में टेरर कैंप्स पर भारतीय स्ट्राइक्स) के दौरान भी AI डीपफेक और फेक वीडियो का जमकर इस्तेमाल किया था। इंडियन आर्मी ने खुलासा किया कि पिछले कुछ महीनों में 217 से ज्यादा AI-जनरेटेड डीपफेक पहचाने गए, ज्यादातर आर्मी चीफ, CDS और सर्विस चीफ्स को टारगेट करते हुए थे। जहां वे "हार मानने" या "सरेंडर" करते दिखाए गए। BOOM और अन्य फैक्ट-चेकर्स ने 13 AI से जुड़े केस रिपोर्ट किए, जिसमें 7 वीडियो, 3 इमेज और डीपफेक शामिल थे। पुराने फुटेज (मिडिल ईस्ट, यूक्रेन) को रिसाइकल करके "भारतीय जेट गिराए गए" या "एयरबेस तबाह" का दावा किया गया।

Operation Sindoor में भी दिखी थी पाकिस्तान की डिजिटल जंग

Operation Sindoor (7-10 मई 2025) के दौरान पाकिस्तान ने पारंपरिक जवाब की बजाय इन्फो वॉर छेड़ी। AI से भारतीय नेवल चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी जैसे नेताओं के फेक वीडियो बनाए गए, जहां वे "नुकसान स्वीकार" या "सरकार की आलोचना" करते दिखे। PIB ने Rafale/S-400 तबाह होने के दावों को भी फेक करार दिया। इंडियन आर्मी के ADG स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस ने इसे "अभूतपूर्व डिजिटल हमला" बताया।

सिंदूर में राजस्थान टारगेट: पुरानी क्रैश इमेज से फेक "जेट गिराए" क्लेम

Operation Sindoor के दौरान पाकिस्तान ने डिजिटल वॉर छेड़ी। AI डीपफेक से भारतीय चीफ्स को टारगेट किया और राजस्थान के MiG-29 क्रैश की 2024 वाली इमेज को "हालिया नुकसान" बताकर वायरल किया था।

प्रोपगैंडा से सतर्क रहें

राजस्थान जैसे बॉर्डर स्टेट्स में ऐसे प्रोपेगैंडा से सतर्क रहें। यह भारत की विदेश नीति, सेना की छवि खराब करने और लोकल मोराल प्रभावित करने की कोशिश है। AI रेगुलेशन जरूरी, यूजर्स जांचें और अफवाह न फैलाएं।

ये भी पढ़ें

सावधान! TRAI अधिकारी बनकर ठग रहे साइबर माफिया बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसाकर करोड़ों की लूट

Updated on:
11 Mar 2026 02:03 pm
Published on:
11 Mar 2026 01:23 pm
Also Read
View All

अगली खबर