राजधानी की अधीनस्थ अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर राहुल गांधी को रावण के रूप में दिखाने के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय के खिलाफ दायर मानहानि के परिवाद को खारिज कर दिया।
जयपुर। राजधानी की अधीनस्थ अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर राहुल गांधी को रावण के रूप में दिखाने के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय के खिलाफ दायर मानहानि के परिवाद को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामले में व्यथित व्यक्ति ही परिवाद दायर कर सकता है। इस प्रकरण में देखने से लगता है राहुल गांधी पर निजी तौर पर टिप्पणी की है और वह परिवाद दायर करने में समर्थ हैं, इसलिए परिवाद पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।
जयपुर महानगर मजिस्ट्रेट क्रम सख्या-11 ने जसवंत गुर्जर का परिवाद खारिज करते हुए यह आदेश दिया। परिवाद में जेपी नड्डा व अमित मालवीय पर आरोप लगाया गया था कि सनातन धर्म का अपमान करते हुए भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की गई है। इसमें राहुल गांधी को सात सिर वाली फोटो के साथ नए युग का रावण बताया है। इससे कांग्रेस पार्टी के साथ ही परिवादी की भी मानहानि हुई है।
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कोर्ट ने कहा...
यह सुस्थापित सिद्धांत है कि जिसकी प्रतिष्ठा की हानि हुई, वह व्यक्ति ही परिवाद दायर कर सकता है। इस मामले में परिवादी खुद व्यथित नहीं है। इसके अलावा परिवाद में आईपीसी की धारा 504 के तहत आरोप लगाए हैं, जबकि परिवाद में इससे संबंधित किसी तथ्य का उल्लेख ही नहीं है।