खबर प्रकाशित होने के बाद विभिन्न संगठनों ने सीएम गहलोत से मदरसों के हिस्से के 25 करोड़ रूपए जल्द से जल्द देने की मांग की है। उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन कयामखानी ने बतया कि उन्होंने इस मामले में सीएम को पत्र लिखकर मांग की है कि मदरसों ( Rajasthan Madarsa Board ) से संबंधित सरकारी योजनाओं में ढ़िलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्यवाही की जाए।
जयपुर. प्रदेश के मदरसों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की ओर से 11 माह बाद भी 25 करोड़ रूपए नहीं मिलने के मामले में विभिन्न संगठनों की ओर से नाराजगी जताई गई है। दरअसल, 29 जनवरी को पत्रिका में 'सीएम की घोषणा के 11 माह बाद भी नहीं मिले 25 करोड़' शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें बताया गया था कि बजट 2021-22 के तहत मुख्यमंत्री की ओर से मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत 25 करोड़ रूपए की घोषणा के 11 माह बाद भी अफसरों की उदासीनता के चलते ये पैसा मदरसा बोर्ड ( Rajasthan Madarsa Board ) और मदरसों तक नहीं पहुंचा।
खबर प्रकाशित होने के बाद विभिन्न संगठनों ने सीएम गहलोत से मदरसों के हिस्से के 25 करोड़ रूपए जल्द से जल्द देने की मांग की है। उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन कयामखानी ने बतया कि उन्होंने इस मामले में सीएम को पत्र लिखकर मांग की है कि मदरसों से संबंधित सरकारी योजनाओं में ढ़िलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्यवाही की जाए। वहीं राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी के महासचिव ने हाजी निजामुद्दीन ने भी सीएम से आग्रह किया है कि मदरसों के हिस्से का बजट तुरंत रिलीज करवाया जाए। साथ ही 'मदरसा अनुदान योजना' समेत मदरसों की अन्य योजनाओं की मॉनिटरिंग उच्च अधिकारियों द्वारा करवाई जाए।
खबर के बाद जागा मदरसा बोर्ड
राजस्थान मदरसा बोर्ड भी अब इस पूरे मामले को लेकर सक्रिय होता दिख रहा है। बोर्ड सचिव हरिताभ कुमार आदित्य ने बताया कि इस मामले में नोटशीट और प्रस्ताव बनाकर आगामी कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। उधर, वहीं किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने कहा कि इस मामले को वह मुख्यमंत्री से वार्तालाप कर बजट के पूरी रकम दिलाने के प्रयास करेंगे।