मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन से राजस्थान अब डिजिटल पर्यटन का ग्लोबल हब बन गया है, जहाँ OBMS पोर्टल के जरिए 3 करोड़ से अधिक पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग का लाभ उठा चुके हैं।
राजस्थान ने 'पधारो म्हारे देस' की परंपरा को अब आधुनिक डिजिटल सांचे में ढाल दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित OBMS (ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल और ऐप, आज देश का एकमात्र ऐसा सरकारी प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसने पर्यटन की पूरी परिभाषा ही बदल दी है।
राजस्थान का डिजिटल नवाचार आज दुनिया भर के सैलानियों की पहली पसंद बन चुका है। आंकड़ों की जुबानी कहें तो यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है:
OBMS की इस क्रांतिकारी सफलता को देखते हुए इसे वर्ष 2025 में प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड (Silver Category) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राजस्थान सरकार की ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
राजस्थान सरकार ने पर्यटन के अनुभव को आसान बनाने के लिए 100 से अधिक प्रमुख स्थलों को इस पोर्टल से जोड़ दिया है:
पुरातत्व विभाग: आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर सहित 47 स्मारक।
वन विभाग: सरिस्का टाइगर सफारी, झालाना लेपर्ड सफारी और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (21 स्थल)।
RTDC और JDA: नाहरगढ़ का पड़ाव, सिलीसेढ़ लेक पैलेस, किशन बाग और मसाला चौक।
राष्ट्रीय महत्व के स्थल: चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़ और भानगढ़ जैसे ASI के संरक्षित दुर्ग भी अब इसी प्लेटफॉर्म पर हैं।
यह पोर्टल केवल टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण डिजिटल गाइड की तरह काम करता है:
राज्य सरकार इस सफलता को और आगे ले जाने की तैयारी में है। जल्द ही RTDC के होटलों की बुकिंग और जवाहर कला केंद्र (JKK) के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के टिकट भी इसी ऐप पर उपलब्ध होंगे। इतना ही नहीं, राजस्थान से बाहर के लगभग 150 ASI स्मारकों को भी इस पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है।