जयपुर

शहरी सरकार में घमासान, मंत्री से मिले पहुंचे पार्षद

महापौर से हुई थी पार्षदों की तनातनी
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Updated: 7 Mar 2018, 3:33 PM IST
rajasthan news

जयपुर . शहरी सरकार के मुखिया और सत्तारूढ़ दल के ही पार्षदों के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। महापौर के खिलाफ खुलकर सामने आए भाजपा पार्षद मंगलवार को नगरीय विकास मंत्री श्रीचन्द कृपलानी से मिलने विधानसभा पहुंच गए। सदन में होने के कारण कृपलानी घंटेभर इन्तजार के बाद पार्षदों से मिले। पार्षदों ने फर्जी पट्टा जारी होने सहित अवैध निर्माण में अफसरों की मिलीभगत की जांच कराने की मांग की। पार्षदों ने कहा कि शहरी जन कल्याण शिविरों में अफसरों ने सरकारी व वन भूमि पर पट्टों की रेवडिय़ां बांट दी। सरकारी भूमि पर पट्टे दे दिए गए। इससे 500 करोड़ के राजस्व का नगर निगम को नुकसान हुआ। इसका खुलासा होने के बावजूद जांच एसीबी को नहीं दी जा रही। बल्कि आरोपित अफसर को ही कमेटी में शामिल कर लिया गया। इसकी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराई जाए। डेढ़-दो माह पहले जिन अफसरों ने निगम में शहरी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, उन्हें निगम से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। कृपलानी ने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि सोमवार को पार्षदों-महापौर के बीच नोकझोंक हुई थी।

ये भाजपा पार्षद पहुंचे मंत्री के पास

विष्णु लाटा, अनिल शर्मा, नवरतन नराणिया, भगवत सिंह देवल, अशोक गर्ग, मान पंडित, विकास कोठारी, संजय जांगिड़, कौशलकिशोर शर्मा, भवानी सिंह, रामनिवास जोनवाल, भंवरलाल सैनी।

पार्षद अनिल शर्मा ने कहा शहरी जन कल्याण शिविर में पट्टे बांटने में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी एसीबी से जांच कराने की मांग की गई है। यही मांग महापौर से भी की है।

पार्षद विष्णु लाटा ने कहा फर्जी पट्टों के मामले में जांच के लिए आयुक्त व महापौर को पहले ही पत्र भेज दिया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बल्कि प्रशासन ने अरोपित अफसर को ही जांच कमेटी में शामिल कर लिया।

पार्षद भवानी शर्मा भ्रष्टाचार को रोकने की सीधी जिम्मेदारी महापौर की है। अफसर सुविधा क्षेत्र की जमीन लील रहे हैं। ऐसे अफसरों को तत्काल सस्पेंड करना चाहिए। ये अफसर अब भ्रष्टाचार की फाइलों को खुर्दबुर्द कर रहे हैं।

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