जयपुर

धन तेरस से शुरू होगा पंच दिवसीय दीपोत्सव, छोटी काशी में दीपोत्सव पर छाएगा उल्लास, बाजार में रौनक

धन तेरस से शुरू होगा पंच दिवसीय दीपोत्सव, छोटी काशी में दीपोत्सव पर छाएगा उल्लास, बाजार में रौनक  
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Nov 03, 2018
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जयपुर।

पांच दिवसीय दीपोत्सव सोमवार से धनतेरस के साथ शुरू हो रहा है। छोटी काशी के हर घर एवं प्रतिष्ठानों में दीपोत्सव मनाने के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। पांच दिवसीय दीपोत्सव में हर दिन अपने आप में महत्वपूर्ण है। इसमें हर दिन अलग अलग देवताओं की पूजा होगी।

मंगलवार को रूप चर्तुदशी, नरक चर्तुदशी व हनुमान जयंती मनाई जाएगी। रोशनी का पर्व दीपावली 7 नवम्बर को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा 8 को होगी, जबकि भैया दूज का पर्व 9 को परंपरागत रूप के साथ मनाया जाएगा। घरों और मंदिरों में सजेगी दीपमालाएं: शहर के आराध्य गोविन्ददेवजी के मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में दीपोत्सव में दीपमालाएं सजेंगी। सनातन धर्म में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से शुरू होकर शुक्ल पक्ष की द्वितया तक चलने वाले पांंच दिवसीय दीपोत्सव का विशेष महत्व है। इन पांच दिनों में खुशियों के नौ पर्व मनाए जाऐंगे मनाए जाएंगे।

अंधरे से उजाले की ओर ले जाने वाले भारतीय संस्कृति के प्रकाश पर्व को लेकर छोटी काशी में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। बाजारों एवं घरों पर विशेष सजावट की गई है। होगी आरोग्य के देवता की पूजा: धनतेरस के दिन आरोग्य के देवता धन्वंतरी जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों एवं चिकित्सालयों में आरोग्य के देवता धन्वंतरी की पूजा होगी इसी दिन शाम को धन के देवता कुबेर की पूजा की जाएगी।

ज्योतिषशास्त्री पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार धन तेरस के दिन दीघ्र कालीन वस्तुएं खरीदना ज्यादा शुभ माना गया है। प्रदोष काल एवं स्थिर लग्न में इस दिन सोना, चांदी, शुद्ध धातु के बर्तन, विलासिता की वस्तुएं, वाहन, फर्नीचर आदि खरीदना अधिक शुभकारी रहेगी। इसदिन त्रयोदशी हस्त नक्षत्र में कुमार योग व राजयोग के साथ आ रही है। यह संयोग खरीदारी को और अधिक शुभता प्रदान करेगी।


सजने संवरने व स्वच्छता का दिन

पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के अनुसार मंगलवार को रूप चर्तुदशी मनाई जाएगी। इस दिन लोग खास कर महिलाएं उबटन लगा कर सजेगी—संवरेगी। घर आंगन को सजाया और संवारा जाएगा। घरों एवं प्रतिष्ठानों रंग बिरंगी लाइटों से रोशन किया जाएगा। शाम को मंदिरों में दीपदान होगा इसी दिन नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। इस दिन को छोटी दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है।


छाएगा दीपोत्सव का उल्लास

हिन्दू संस्कृति के प्रमुख पर्व दीपोत्सव का उल्लास बुधवार को छाएगा। शुभ मुहूर्त के अनुसार घरों और प्रतिष्ठानों में धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। शाम को प्रतिष्ठानों व घर आंगन को बिजली की रोशनी एवं दीपकों से रौशन कर आतीशबाजी की जाएगी। एक दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं देंगे।


गोवर्धन पूजा के साथ मंदिरों में मनेगा अन्नकुट महोत्सव

गुरुवार को प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा परंपरागत रूप से की जाएगी। घर की देहरी के आगे गोबर से गोवर्धन बना कर पूजा अर्चना की जाएगी। इसी दिन मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों में ठाकुरजी को अन्नकुट का भोग लगेगा। ठाकुरजी को बाजरे, चावल, चवले, मूंग—मोठ, कडी, ऋतुफलों एवं विविध व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।


भाइयों की दीघ्रायु की होगी कामना

शुक्रवार को भैया दौज मनाई जाएगी। बहने अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना करेंगी और भोजन करवाएगी। वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देंगे। इसी दिन यम द्वितीया व चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी। इसके साथ ही पंच दिवसीय दीपोत्सव का समापन होगा

Published on:
03 Nov 2018 06:41 pm