
जयपुर. अगर आप जनवरी, जून या जुलाई में परिवार समेत कहीं घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें। पीछे से चोर आपके घर पर हाथ साफ कर रंग में भंग कर सकते हैं। पिछले वर्षों में चोरी के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार हर साल के चार महीने एेसे आते हैं, जबकि शहर में चोरी की वारदात अचानक बढ़ जाती हैं। 20014 से 2017 की पड़ताल में यह बात सामने आई है।
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ये माह जनवरी, जून, जुलाई और सितम्बर के हैं, जब या तो स्कूली बच्चों की छुट्टियां होती हैं या फिर शहर में त्योहार और शादियों का सीजन होता है। पूरे प्रदेश में इन चार महीनों में अन्य महीनों की तुलना में तीन सौ से छह सौ वारदातें अधिक हुई हैं।
इन महीनों में होती हैं
चोरी करने के लिए वैसे तो चोर मौका देखते हैं लेकिन पिछले चार वर्षों के आंकडों पर नजर डालें तो चोरी के लिए चोर इन महीनों को खास मानते हैं। इनमें जनवरी, जून, जुलाई और सितंबर माह शामिल हैं। जिनमें सबसे ज्यादा चोरियां होती हैं।
ये हैं संभावित कारण
दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में स्कूल का शीतकालीन अवकाश रहता है। ये शादियों का भी सीजन होता है। इसी कारण चोर सूने मकान को निशाना बनाते हैं।
जून में स्कूल, कॉलेजों की छुट्टियां शुरू होने से लोग गांव या सैर सपाटे पर निकल जाते हैं। गर्मी के कारण गांवों में लोग कमरों को छोड़ कर छतों पर सोना पसंद करते हैं।
सितंबर आसपास नवरात्र या श्राद्धपक्ष होने के कारण लोग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घरों से बाहर जाते हैं। गांवों में बाजरे और ज्वार की फसल बड़ी होने का फायदा उठाकर भी चोर वारदात को अंजाम देते हैं।
ये हैं चार वर्षों के आंकड़े
साल आठ महीने में चोरी इन चार महीने मे चोरी
2017 17,621 9,922
2016 17,074 10,332
2015 18,282 10,785
2014 17,870 11,225