
जयपुर। सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए केंद्र ने राजस्थान सहित पूरे देशभर में आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। लोगों को आधार कार्ड से जुड़ी सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके और कोई भी तबका इससे वंचित ना रहे इसके लिए आए दिन नए-नए बदलाव किए जाते है। अब आधार कार्ड की जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक और नया बदलाव किया है। इसके तहत आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने ई-आधार के लिए एक नया क्यूआर कोड शुरू किया है। यह नया क्यूआर डिजीटल हस्ताक्षर वाला है। इसे आधार वेरिफिकेशन का ईजी ऑफलाइन सिस्टम कहा जा सकता है। इस नए क्यूआर कोड में अब आधार धारक की डेमोग्राफिक (जनसांख्यिकीय) जानकारी के साथ साथ-साथ फोटो भी शामिल होगी। इससे बैंक समेत अन्य संस्थाओं को सहूलियत होगी।
आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने एक बयान में कहा है कि उसने ई-आधार पर मौजूदा क्यूआर कोड की जगह नया क्यूआर कोड शुरू किया है। अब तक इस कोड में केवल आधार धारक से जुड़ी जानकारी होती थी। नए कोड में उसकी फोटो भी होगी। आपको बता दें कि इस नए क्यूआर कोड आने से अब फिंगर प्रिंट या रेटिना मैच नहीं होने पर किसी को भी सरकारी योजनाओं के इस्तेमाल से रोका नहीं जा सकेगा। इससे सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा मिल सकेगा। वहीं यूआईडीएआई का दावा है कि इससे आधार धारक का डेटा पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा। गौरतलब है कि नए क्यूआर कोड को पढ़ने के लिए यूआईडीएआई ने क्यूआर कोड रीडर सॉफ्टवेयर 27 मार्च से वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है।
खास बात यह है कि क्यूआर कोर्ड बारकोड लेबल का ही एक रूप है जिसमें छुपी सूचनाओं को मशीन पढ़ सकती हैं जबकि ई - आधार, 12 अंकों की विशेष संख्या का इलेक्ट्रानिक संस्करण है जिसे यूआईडीएआई की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। अभी तक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर कई शिकायतें मिल रही थीं। खासतौर से बुजुर्ग, जिन्हें फिंगरप्रिंट और रेटिना के जरिये अपना वेरिफिकेशन कराने में परेशानी हो रही है। उनके लिए यह तरीका बेहद फायदेमंद रहेगा। वहीं यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण का कहना है, 'यह आधार कार्ड की प्रमाणिकता को जांचने का एक साधारण और तेज तरीका है। हालांकि, वेरिफिकेशन करने वाले को आधार होल्डर की फोटो और चेहरे का मिलान करना होगा।'' तेजी से सत्यापन के साथ ही यह ईजी ऑफलाइन सिस्टम है। ऑफलाइन सत्यापन की इस सुविधा से एक और ऑप्शन उपलब्ध होगा। यह तय करेगा कि यूजर्स को आधार से जुड़ी किसी सर्विस से वंचित नहीं किया जाए।' हालांकि, आधार कार्ड को वन-टाइम पिन आधारित ऑथेंटिकेशन से भी वेरिफाई किया जा सकता है। आपको बता दें कि सरकारी योजनाओं से आधार को लिंक करने की आखिरी तारीख 30 जून है।