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राजस्थान में बंद का मिला-जुला असर, डीडवाना में बसाें का संचालान बंद, सीकर में रात दस बजे तक इंटरनेट बैन

आरक्षण के खिलाफ मंगलवार को किए गए भारत बंद का राजस्थान में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 10 Apr 2018, 11:21 AM IST

Bharat Band Live Update

जयपुर। आरक्षण के खिलाफ मंगलवार को किए गए भारत बंद का राजस्थान में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। राजधानी जयपुर में कहीं बाजार बंद हैं ताे कहीं खुले हुए है। प्रदेश में कहीं-कहीं ताे चाय अाैर पान की दुकानें भी नही खुली हैं।

जयपुर में इंटरनेट सेवा बंद हैं। सीकर में भी रात दस बजे तक इंटरनेट सेवा बंद की गर्इ है। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने इसके आदेश जारी किए।

नागाैर के डीडवाना में रोडवेज प्रशासन ने तोड़फोड़ आैर उपद्रव की आशंका के चलते बसाें का संचलान बंद कर दिया है। यहां केवल लोकल रूट की बसें ही संचालित हो रही हैं। फलोदी में भारत बंद के अघोषित आह्वान पर बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं।

बंद समर्थकों ने हाथ जोड़कर बंद में सहयोग की अपील की है, जिसके बाद सुबह जो दुकानें खुलीं वे वापस बंद हो गई । धौलपुर शहर में बंद का असर दिख रहा है। बाजार में दुकानें बंद हैं। कई स्कूल बंद है। शहर में जगह-जगह पुलिस बल तैनात है।

दौसा जिले में फिलहाल इंटरनेट सेवा पर रोक के लिए कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। दाैसा में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के बंद के आह्वान पर बाजार स्वतः बंद हैं। शांति कानून व्यवस्था को लेकर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए है। पुलिस चौकस चाक चौबंद है।

दाैसा जिले के लालसोट में सुबह से ही बाजार नहीं खुले। लालसोट समेत मंडावरी, रामगढ पचवारा व डिडवाना समेत सभी कस्बों में दुकानदारों ने बंद का समर्थन करते हुए सुबह से ही अपनी दुकानों के ताले नही खोले।

बांसवाड़ा जिले में बंद का मिला जुला असर देखा जा रहा है। शहर में अभी तक कोई प्रभाव नहीं, लेकिन कुछ गांवों में स्वेच्छा से लोगों ने बंद रखा है। अलवर जिले के बानसूर कस्बे का पूरा बाजार बंद है।

जोधपुर में बंद का कोई असर नहीं है। बाजार खुले है आैर इंटरनेट सेवा चालू है। चित्तौड़गढ़ में बाजार सामान्य दिनों की भांति खुले है। किसी संग़ठन ने बन्द का आह्वान नही किया है। सोशल मीडिया चले बंद के संदेशाें का कोई असर नही दिख रहा है। हालत पूरी तरह सामान्य हैं।

परकोटे में असमंजस में रहे व्यापारी
जयपुर के परकोटे में व्यापारी असमंजस में दिखे। जयपुर व्यापार महासंघ और विभिन्न व्यापार मंडलों ने फैसला व्यापारियों पर छोड़ा है। उधर आगरा रोड के विभिन्न व्यापार मडलों एवं सामाजिक संगठनों ने बंद का आह्वान किया है।

पुलिस सतर्क, लगाया अतिरिक्त बल
2 अप्रेल को बंद के दौरान हुए उपद्रव के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन बंद को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पुलिस ने चेताया है कि अनुमति के बिना रैली निकाली गई या उत्पात मचाया गया तो सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए जिलों को अतिरिक्त सुरक्षा बल दिया गया है।

सोमवार शाम परकोटे सहित अन्य बाजारों में आरएसी, बीएसएफ और आरएएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च भी किया। जवान यागदार से छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़ होते हुए गलता गेट पहुंचे। वहां से वाहनों से शास्त्रीनगर की ओर रवाना हुए।

पुलिस-प्रशासन की ये तैयारियां
मुख्य सचिव एनसी गोयल ने सोमवार को गृह विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी, एडीजी कानून-व्यवस्था, पुलिस आयुक्त मौजूद थे। गृह विभाग ने पैरामिलिट्री फोर्स की 7 कंपनियां और मांगी हैं। फिलहाल 23 कंपनियां हैं।

पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी और थाना प्रभारियों को पाबंद किया है कि सामाजिक, व्यापारिक और अन्य संगठनों से सतत सम्पर्क में रहें। बंद के लिए कोई दबाव डाले तो सख्त कार्रवाई करें।

ज्यादातर स्कूलों में छुट्टी, ऑटो चालक ने किया मना
सोशल मीडिया पर बंद के संदेश चलने के मद्देनजर जयपुर में ज्यादातर निजी स्कूलों ने मंगलवार को छुट्टी रखने की घोषणा कर दी। इसके लिए कुछ ने नोटिस जारी किए, कुछ ने मौखिक सूचना दी। ज्यादातर ऑटो-वैन चालकों ने भी बच्चों को लाने से मना कर दिया है।

पुलिस ने पूरी तैयारी की है, कानून-व्यवस्था बिगडऩे नहीं दी जाएगी। बिना इजाजत रैली निकाली गई तो पुलिस कार्रवाई करेगी। अभी तक किसी भी संगठन ने बंद के समर्थन की बात नहीं कही है। पुलिस व्यापार मंडलों के सम्पर्क में है।
- गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री