Education Minister: 45 हजार से अधिक स्कूलों में मरम्मत की जरूरत, शिक्षा मंत्री ने बताई कार्ययोजना। राजस्थान में सुरक्षा के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य।
School Building Repair: जयपुर. प्रदेश में जर्जर विद्यालय भवनों की समस्या को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य के सभी जर्जर स्कूल भवनों की चरणबद्ध तरीके से मरम्मत कराई जाएगी और भविष्य में बनने वाले नए भवनों के निर्माण की तिथि, मरम्मत तिथि तथा अंतिम उपयोग तिथि भी निर्धारित की जाएगी। इससे भवनों की समय-समय पर निगरानी संभव होगी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन वर्तमान सरकार इस दिशा में जवाबदेही के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 30 लाख रुपये से अधिक लागत वाले भवनों का सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाता है। अब कम लागत वाले भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे तकनीकी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सकेगी।
भवनों को सीलन और जलभराव से बचाने के लिए वाटरप्रूफिंग, छतों की नियमित सफाई और उचित ढलान जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जर्जर भवनों की पहचान की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। विद्यालय प्रबंधन समिति की रिपोर्ट के बाद निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित किया जाएगा और अधिकतम एक माह के भीतर उसे जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने अगस्त 2025 में कराए गए सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश के 3,768 स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं, जिनमें से 2,558 को जर्जर घोषित किया जा चुका है। शेष भवनों की प्रक्रिया जारी है। वहीं 45,365 राजकीय विद्यालयों में से 41,178 में वृहद मरम्मत की आवश्यकता सामने आई है।
राज्य मद से 2,000 विद्यालयों के लिए 174 करोड़ 97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने भी 1,000 करोड़ रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया है। बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त 20,383 विद्यालयों की मरम्मत एसडीआरएफ के तहत कराई जाएगी।