
जयपुर। राजस्थान में तेजी से बढ़ रही सौर ऊर्जा के कारण बिजली उत्पादन और खपत के संतुलन को बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने ‘डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी और डिमांड साइड मैनेजमेंट नियम-2026’ का मसौदा तैयार किया है। इसका उद्देश्य बिजली की मांग को बेहतर तरीके से प्रबंध कर बिजली खरीद लागत कम करना और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले टैरिफ बोझ को घटाना है।
जो उपभोक्ता अपनी बिजली डिमांड को डिस्कॉम की जरूरत और बिजली की उपलब्धता के अनुरूप शिफ्ट करेंगे, उन्हें प्राेत्साहन के रूप में बिजली बिल में छूट दी जाएगी। इसके लिए डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी सेल बनाया जाएगा। यह सेल ऐसे प्लान तैयार करेगा, जिनसे बिजली की खपत को पीक समय से हटाकर सस्ती बिजली वाले समय में शिफ्ट किया जा सके। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम निर्णय से पहले 19 मार्च को जनता की सुनवाई भी तय कर दी है।
नियमों में एग्रीगेटर की नई व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके तहत कोई एजेंसी कई छोटे उपभोक्ताओं (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग या स्मार्ट उपकरण उपयोग करने वाले) की बिजली मांग को एक साथ जोड़कर डिस्कॉम के साथ समन्वय करेगी। इससे बिजली मांग प्रबंधन का नया बाजार विकसित होने की संभावना है।
प्रस्ताव के अनुसार राजस्थान में दिन के समय सौर ऊर्जा का उत्पादन बहुत अधिक होता है, जबकि शाम के समय मांग अचानक बढ़ जाती है। इस स्थिति को ऊर्जा क्षेत्र में ‘डक कर्व’ कहा जाता है। ऐसे समय में महंगे थर्मल प्लांट चलाने या महंगी बिजली खरीदने की जरूरत पड़ती है। बिजली की डिमांड और खपत को ऐसे समय में शिफ्ट करना है, जब सौर ऊर्जा अधिक उपलब्ध हो। इससे ग्रिड पर भी दबाव कम होगा।
मान लीजिए किसी शहर में शाम 7 से रात 10 बजे के बीच बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है। इस समय डिस्कॉम को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। अब नए मॉडल में डिस्कॉम उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन देगा कि वे कुछ काम दिन में या कम मांग वाले समय में करें।
उदाहरण: एक फैक्टरी संचालक प्रतिदिन शाम 7 बजे अपनी मशीनें चलाता है। डिस्कॉम उसे सलाह देगा कि वह मशीनें दोपहर 2 से 4 बजे के बीच चलाए, जब सौर ऊर्जा ज्यादा उपलब्ध होती है। यदि फैक्टरी संचालक ऐसा करता है तो उसे बिजली दर में छूट या इंसेंटिव दिया जाएगा। इसी तरह घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ता भी शामिल हैं।
1. उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम होगा
2. डिस्कॉम को महंगी बिजली खरीदने की जरूरत कम पड़ेगी
3. सस्ती नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सकेगा