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New RIICO Industrial Area: अलवर। राजस्थान के अलवर जिले को एक और नया रीको औद्योगिक क्षेत्र मिलने वाला है। जिला कलक्टर की ओर से रैणी के धोराला में नए औद्याेगिक क्षेत्र के लिए 24.63 हैक्टेयर जमीन आरक्षित की है। इसके लिए रीको को डिमांड नोट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि रामगढ़ में दो और बरखेड़ा में एक औद्योगिक क्षेत्र का मामला नेशनल कंजर्वेशन जोन (एनसीजेड) में लंबे समय से अटका हुआ है।
दरअसल, सरिस्का बाघ परियोजना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने की वजह से अलवर में औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। खासकर प्रदूषण फैलाने वाली इकाईयों को यहां लगाने की मंजूरी नहीं मिल पाती है। यही वजह है कि यहां से नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कोई प्रस्ताव जाता है तो वह अटक जाता है।
केंद्र की हरी झंडी के बाद अलवर में पिछले दिनों में दो नए औद्योगिक क्षेत्र मंजूर हुए हैं। कठूमर के रूंध सौकरी में 25 हैक्टेयर में औद्योगिक क्षेत्र मंजूर हुआ है। यहां 4 भूखंडों का आवंटन हो चुका है, जबकि 17 को डिमांड नोट जारी हो चुके हैं। अब रैणी के धोराला में नए औद्याेगिक क्षेत्र को मंजूरी मिलने से उद्योगों को भूखंड मिल सकेंगे। हालांकि इन क्षेत्रों में प्रदूषणरहित उद्योगों की ही स्थापना हो सकेगी।
रामगढ़ के मूनपुर करमाला और रसगन व मालाखेड़ा के बरखेड़ा में भी औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित हैं, लेकिन इनका मामला लंबे समय से एनसीजेड में अटका हुआ है। वहां से मंजूरी मिलने केे बाद ही यहां कुछ काम हो सकेगा।
अलवर के सामने सबसे बड़ी समस्या यह हो गई है कि उद्योगपति यहां उद्योग लगाना चाहते हैं, लेकिन एमआइए में भूखंड ही खाली नहीं हैं। यही वजह है कि उद्योग विभाग को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान हुए एमओयू में भी कई उद्योग भूखंड नहीं होने की वजह से शुरू नहीं हो पाए हैं। वहीं, भिवाड़ी के रीको औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड खाली पड़े हैं।
Published on:
15 Mar 2026 09:53 am
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