
बालघाट. बालघाट क्षेत्र के जहानगर मोरडा सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार को देवशयनी एकादशी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। महिलाओं ने भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उन्हें दाल-बाटी-चूरमा का भोग अर्पित किया तथा पारंपरिक परंपरा के अनुसार देवशयन कराया।
पूजन के दौरान महिलाओं ने विवाह से जुड़े पारंपरिक मंगल गीत गाए और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा सौभाग्य की कामना की। घरों में महिलाओं ने मिट्टी के देव बनाकर उन्हें हल्दी और मेहंदी अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया।
सोमोती देवी और विद्या शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास का शुभारंभ होता है और विवाह सहित मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा ने बताया कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
फोटो कैप्शन- जहानगर मोरडा देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु का शयन कराती महिलाएं।