
Rajasthan Panchayat Elections: फोटो-पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजरें ग्रामीण क्षेत्र पर टिक गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव जल्द संपन्न करवाए जाने हैं।
इधर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने जिला परिषद सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 23 और 24 सितंबर को होने वाली आरक्षण लॉटरी के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।
विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण लॉटरी आयोजित की जाएगी। इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के पदों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ग्रामीण इलाकों में चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक संपर्क बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटेंगे।
इससे पहले 13 अगस्त को राज्य स्तर पर प्रदेश की 41 जिला परिषदों में जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण लॉटरी हो चुकी है। अब पंचायत स्तर के विभिन्न पदों का आरक्षण तय होने से चुनावी प्रक्रिया की दिशा और स्पष्ट होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा की ओर से राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आयोग ने 19 अगस्त 2026 को राज्य के 41 जिलों की कुल 309 नगरीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी।
पत्र के अनुसार, नगर निगम जयपुर, जोधपुर, कोटा और नगर पालिका सुकेत व खाटूश्यामजी को छोड़कर शेष 304 निकायों में सभी पदों की निर्वाचन प्रक्रिया 22 सितंबर को पूरी हो गई। इसलिए इन निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता समाप्त कर दी गई है।
हालांकि, जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम सहित सुकेत और खाटूश्यामजी नगर पालिका में चुनावी प्रक्रिया अभी जारी है। इन पांच निकाय क्षेत्रों में आगामी आदेश तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी।
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव जल्द कराए जाने हैं। इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने तथा कार्यग्रहण कराने पर पूर्ण प्रतिबंध यथावत जारी रहेगा।
खाटूश्यामजी नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव को लेकर भी आयोग ने कार्यक्रम जारी किया है। स्थगित अध्यक्ष पद का चुनाव 25 सितंबर को कराया जाएगा, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है। नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू होने से प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में हलचल बढ़ने के संकेत हैं।
Updated on:
22 Sept 2026 10:07 pm
Published on:
22 Sept 2026 10:07 pm
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