रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
जयपुर। राजधानी जयपुर में सोमवार को अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ की ओर से कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
रैली की शुरुआत रामनिवास बाग से हुई, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई सिविल लाइंस फाटक तक पहुंची। रैली के दौरान कर्मचारियों ने बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। रैली के चलते कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही, जिसे पुलिस प्रशासन ने संभाल लिया।
महासंघ की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति को दूर करना और केंद्र सरकार के पे-लेवल के समान वेतनमान लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि समान कार्य के बावजूद वेतन में अंतर से उनमें असंतोष है। इसके अलावा, संविदा और मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।
कर्मचारियों ने निगमों और बोर्डों के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की। महासंघ का कहना है कि निजीकरण से कर्मचारियों की नौकरी और अधिकार दोनों खतरे में हैं। साथ ही कर्मचारियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रैली में प्रमुख रही।
अन्य मांगों में पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना, तथा 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चयनित वेतनमान लागू करना शामिल है। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने एक पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने और थर्ड ग्रेड शिक्षकों को ट्रांसफर की अनुमति देने की भी मांग की। महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।