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Good News: राजस्थान के 40 शहरों का होगा विकास, बढ़ जाएंगे रोजगार और कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

ADB Loan For Development: जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, सीकर के 26 सैटेलाइट टाउन का कायाकल्प करने का प्लान है। संबंधित से इनपुट मांगे गए हैं।
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Jul 09, 2025
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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

40 Cities Will Develop In Rajasthan: प्रदेश के 40 शहरों का डवलपमेंट इन्वेस्टमेंट से भी जुड़ेगा। अब इसी तर्ज पर डवलपमेंट की प्लानिंग की जा रही है। इसमें सैटेलाइट टाउन भी शामिल किए जाएंगे। एशियन डवलपमेंट बैंक से 15-16 हजार करोड़ के लोन की चल रही प्रक्रिया के बीच राज्य सरकार ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है।

इसमें सड़क, ड्रेनेज, सीवरेज के काम तो होंगे ही, साथ ही परिवहन कनेक्टिविटी, औद्योगिक डवलपमेंट पर भी काम होगा। इससे स्थानीय स्तर पर भी निवेशकों का जुड़ाव होगा, जिससे रोजगार का दायरा भी बढ़ेगा। इस तरह के डवलपमेंट से बड़े शहरों की तरफ पलायन कम या रुकने की संभावना भी बनेगी। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने लोन और इस संबंध में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के अधिकारियों से भी चर्चा की है।

इस तरह डवलपमेंट का प्रस्ताव

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर 24 घंटे पेयजल आपूर्ति।

सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने, इंडस्ट्रियल और कृषि के लिए परिशोधित पानी की उपलब्धता।

ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी तरीके से लागू करते हुए जीरो वेस्ट मॉडल पर काम होगा।

बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करेंगे।

ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी की दिशा में काम।

विरासत को सहेजने, मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने, सौन्दर्यन, चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने पर काम।

रोड लाइट के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना।

ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने, सड़कों की री-मॉडलिंग, पार्किंग स्थलों का निर्माण।

बस स्टैंड डवलपमेंट, सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम और इंटर सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार।

इन शहरों के सैटेलाइट टाउन पर फिर बात

जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, सीकर के 26 सैटेलाइट टाउन का कायाकल्प करने का प्लान है। संबंधित से इनपुट मांगे गए हैं।

इस तरह से सुविधा विकसित हो तो बने बात…


सैटेलाइट टाउन के लिए जो भूउपयोग निर्धारित हों, वे धरातल पर उतरें। इसमें आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक व अन्य जरूरत शामिल है।

सभी तरह के शैक्षणिक संस्थान संचालित हो, जिससे युवाओं को वहीं शैक्षणिक सुविधा मिले।

जिला मुख्यालय स्तरीय चिकित्सा सुविधा की जरूरत।

औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की जरूरत, जिससे रोजगार बढ़े और पलायन रुके।

परिवहन की कनेक्टिविटी हो। डेमो ट्रेन चलाई जा सकती है।

Published on:
09 Jul 2025 08:41 am