PM Surya Ghar - Muft Bijli Yojana: स्थिति यह है कि राज्य की तीनों बिजली कंपनियों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता के रूफटॉप लगाए जा रहे हैं, लेकिन सब्सिडी मिलने पर भी खर्च को देखते हुए उपभोक्ता योजना के तहत रूफटॉप लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
पुनीत शर्मा
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप लगाने पर आने वाले खर्च की चिंता से मुक्ति दिलाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए इस योजना में रेस्को और बिजली कंपनियों के लिए यूएलए (यूटिलिटी लैड एग्रीगेशन) मॉडल को शामिल कर लिया गया है। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए तीनों बिजली कंपनियों में मंथन शुरू हो गया है।
अभी स्थिति यह है कि राज्य की तीनों बिजली कंपनियों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता के रूफटॉप लगाए जा रहे हैं, लेकिन सब्सिडी मिलने पर भी खर्च को देखते हुए उपभोक्ता योजना के तहत रूफटॉप लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पीएम सूर्य घर योजना के तहत लक्ष्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार रेस्को मॉडल के तहत वेंडर के बीच करार होगा। जिसके तहत वेंडर की ओर से छत पर रूफटॉप लगाने पर उपभोक्ता को सस्ती बिजली मिलेगी। करार के तहत उपभोक्ता और वेंडर के बीच बिजली की दरें सहमति के आधार पर तय होंगी। अतिरिक्त बिजली को वेंडर डिस्कॉम को देकर अपना मुनाफा कमा सकेगा।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार रेस्को मॉडल के तहत वेंडर (रूफटॉप लगाने वाली कंपनी) पांच साल तक ही छत का उपयोग कर सकेगी। इसके बाद छत का स्वामित्व उपभोक्ता का ही रहेगा। करार बढ़ाने पर वेंडर उपभोक्ता की छत पर रूफटॉप प्लांट से फिर से बिजली का उत्पादन कर सकेगा।
जयपुर जिले की ही बात करें तो पीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप लगाने के लक्ष्य इस वर्ष पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। गत वर्ष फरवरी में योजना लांच होते समय जिले में 35,500 रूफटॉप लगाने के लक्ष्य रखे गए थे, लेकिन अभी तक महज 21 हजार रूफटॉप ही लग सके। बिजली इंजीनियर लक्ष्य पूरे होने के पीछे खर्च के साथ उपभोक्ताओं को फ्री बिजली मिलना भी बता रहे हैं।
रूफटॉप सोलर एक्सपर्ट का कहना है कि छत पर रूफटॉप लगाने पर उपभोक्ताओं को फायदा ही फायदा है। बिजली बिल में 80 प्रतिशत की कमी तो होगी ही साथ ही ग्रीन एनर्जी का दायरा बढने से पर्यावरण भी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।
अजमेर - 27950
जयपुर - 38210
जोधपुर - 18930