जयपुर के एचसीएम रीपा (HCM RIPA) में 2024 बैच के प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का विदाई सत्र आयोजित किया गया, जहाँ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने उन्हें 'फील्ड' की बारीकियों और संवेदनशील निर्णय लेने का मंत्र दिया।
राजस्थान के प्रशासनिक बेड़े में जल्द ही नई सोच और नवाचार का समावेश होने जा रहा है। जयपुर स्थित 'हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान' (एचसीएम रीपा) में शनिवार को वर्ष 2024 बैच के प्रोबेशनर्स आईएएस अधिकारियों का विदाई सत्र संपन्न हुआ। यह विदाई महज एक रस्म नहीं थी, बल्कि राजस्थान की 'ग्राउंड रियलिटी' को समझकर लौटे इन युवा अधिकारियों के लिए भविष्य की चुनौतियों का शंखनाद था।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इन भावी नीति-निर्धारकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अब प्रशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का नाम है।
मुख्य सचिव ने बताया कि ये अधिकारी अब मसूरी (LBSNAA) में अपने प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रवेश करेंगे।
विदाई सत्र के दौरान 2024 बैच के अधिकारियों ने अपने जिला प्रशिक्षण के अनुभवों को बेहद रोमांचक बताया। उन्होंने साझा किया कि:
प्रशिक्षण के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को पूरा करने के बाद, यह बैच अब मसूरी के लिए रवाना होगा। वहाँ से लौटने के बाद जब ये अधिकारी राजस्थान के उपखंडों की कमान संभालेंगे, तब प्रदेश को एक नई प्रशासनिक दृष्टि मिलने की उम्मीद है।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में होने वाला यह 4 महीने का 'फेज-2' प्रशिक्षण किसी भी आईएएस अधिकारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यहाँ उन्हें किताबी ज्ञान से ऊपर उठकर एक 'लीडर' और 'निर्णायक' बनने की ट्रेनिंग दी जाती है।
मुख्य रूप से प्रशिक्षण के इन पहलुओं पर जोर रहता है:
संस्थान की महानिदेशक श्रेया गुहा ने मुख्य सचिव को इन अधिकारियों द्वारा तैयार की गई जिला प्रशिक्षण रिपोर्ट का अवलोकन करवाया।