
जयपुर . लो फ्लोर बसें सड़क पर नियम तोडऩे में भी पीछे नहीं हैं और राजधानी की सड़कों पर रोज यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही बसों में करीब-करीब एक चौथाई लो फ्लोर होती हैं। पुलिस के चालान के आंकड़ों को देखें तो गत वर्ष जहां प्रति माह डेढ़ सौ से अधिक बसों का चालान किया गया। और वहीं इस वर्ष प्रति माह 200 बसों का चालान किया जा रहा है। इनमें आधे चालान मिनी बस तो आधे चालान लो फ्लोर, रोडवेज और अन्य बसों के होते हैं और इसके बावजूद बस चालक सवारियों के साथ सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों की जान जोखिम में डालने में पीछे नहीं रहते हैं।
ये मामले ज्यादा
2017 में ट्रैफिक पुलिस ने 1841 और इस वर्ष मार्च तक 600 बसों का चालान किया है। और इनमें 90 प्रतिशत तिराहे-चौराहों पर लालबत्ती उल्लघंन करने के चालान हैं और जबकि अन्य चालान प्रदूषण सहित अन्य नियमों का उल्लघंन करने के हैं।
जिन्हें जान की फिक्र वे ही करते विरोध
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बताया कि बसों में 80 से 125 सवारियां बैठती हैं और कई बार बसों को रोकने पर सवारियां ही गुस्सा करने लगती हैं। इसलिए अधिकांश बार बसों को निकल जाने देते हैं। लेकिन इससे बस चालक बेखौफ होते हैं।
यह भी परेशानी कहां खड़ी करें बस
पुलिसकर्मियों ने बताया कि कई बार बस चालकों के पास दस्तावेज नहीं मिलते। बस जब्त कर लें लेकिन उन्हें खड़ी कहां करवाएं। शहर में बस जब्त करते हैं और तो उसे दिल्ली रोड स्थित सड़वा मोड़ के पास, झालाना पुलिस चौकी और बाहरी थानों में खड़ी करवानी पड़ती है। साथ में पुलिसकर्मी को भी बस के साथ जाना पड़ता है।
राहुल वशिष्ठ, एसीपी, ने कहा कि जयपुर ट्रैफिक पुलिस जेसीटीएसएल अधिकारियों के साथ बस डिपो में चालकों को जागरूक करने के लिए जाते हैं। वहां उन्हें समझाते हैं कि नियमों की पालना की जाए।