
राजस्थान की सियासत में इन दिनों जबानी जंग और व्यक्तिगत आरोपों का दौर चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार तीखी बयानबाजी जारी है। इसी सिलसिले में डोटासरा ने हाल ही में एक रैली के दौरान एक ऐसा दावा किया, जिसने किरोड़ी लाल मीणा को लेकर चर्चाएं तेज़ कर दीं। डोटासरा के इस दावे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगा, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। समर्थक और विरोधी इस वीडियो को 'पैरों में गिरने' के दावे से जोड़कर शेयर कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस पूरे सियासी विवाद की जड़ क्या है और वायरल हो रहे इस वीडियो की असली सच्चाई क्या है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक सार्वजनिक मंच से किरोड़ी लाल मीणा की कार्यशैली पर सीधा प्रहार किया। डोटासरा ने दावा किया कि जो नेता आज दूसरों पर बड़े-बड़े आरोप लगा रहे हैं, वे अतीत में खुद को बचाने के लिए कांग्रेस सरकार के सामने मिन्नतें कर रहे थे।
डोटासरा ने अपने भाषण में कहा, "किरोड़ी लाल मीणा अपने ऊपर दर्ज पुराने मुकदमों और पुलिस केसों से बुरी तरह घबराए हुए थे। वे इनसे बचने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास आए थे। उन्होंने गहलोत से एकांत में बात करने का समय मांगा और बंद कमरे में वे गहलोत जी के पैरों में गिरकर रोने लगे कि साहब मुझे बचा लो, मेरे ऊपर से ये मुकदमे वापस ले लो।"
डोटासरा ने तंज कसते हुए आगे कहा कि जो व्यक्ति खुद को बचाने के लिए पैरों में गिर सकता है, वह आज वर्तमान सरकार में बैठकर दूसरों पर बेबुनियाद भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है।
डोटासरा के इस बयान से मचे सियासी बवाल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जोधपुर के अपने दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर चौतरफा हमला बोला। गहलोत ने किरोड़ी लाल की राजनीतिक कार्यशैली को आड़े हाथों लिया।
अशोक गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा :
तथ्यहीन राजनीति का आरोप: किरोड़ी लाल मीणा हमेशा से बिना किसी ठोस सबूत या तथ्यों के केवल सनसनी फैलाने के लिए झूठे आरोप लगाने की राजनीति करते आए हैं।
खुद की सरकार में घिरे: अब जब खुद उनकी अपनी भाजपा सरकार में उनके द्वारा लगाए गए पुराने आरोप हवा हो रहे हैं और उनके खुद के कृषि विभाग व नकली बीज मामले को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो वे पूरी तरह तिलमिला गए हैं।
जनता के सामने एक्सपोज: पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किरोड़ी लाल मीणा अब राजस्थान की जनता के सामने पूरी तरह 'एक्सपोज' हो चुके हैं, इसलिए वे अपनी कमियों को छिपाने के लिए छटपटा रहे हैं।
कांग्रेस के इन हमलों पर कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने तुरंत कड़ा प्रतिवाद किया है। किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक हताश विपक्ष की छटपटाहत करार दिया है।
किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं की तरह दिल्ली या जयपुर के किसी एसी (AC) कमरे में बैठकर ट्विटर वाली राजनीति नहीं करता हूं। मेरा पूरा जीवन किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और पीड़ितों के हक के लिए सड़कों पर लाठियां खाते और संघर्ष करते हुए बीता है। जहां तक कृषि विभाग या नकली बीज के मामलों का सवाल है, यदि मेरे खिलाफ एक भी पैसे या किसी विधिक मामले में कोई गड़बड़ी या दोष साबित हो जाए, तो मैं किसी जांच से डरने वाला नहीं हूं, मैं सीधे जेल जाने के लिए भी तैयार हूं।"
इस पूरे राजनीतिक विवाद के बीच जो वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर की जा रही हैं, उनकी गहन पड़ताल करने पर तथ्य सामने आए हैं:
1. पैरों में गिरने का दावा पूरी तरह निराधार और काल्पनिक
इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी प्रामाणिक रिकॉर्ड, वीडियो फुटेज या विधिक सरकारी दस्तावेज में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के "पैरों में गिरने या रोने" जैसी किसी भी घटना की पुष्टि बिल्कुल नहीं होती है। यह पूरी तरह से एक राजनीतिक बयानबाजी (सियासी जुबानी जंग) है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
2. जन-मुद्दों और धरनों से जुड़े हैं पुराने वीडियो
जो वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, वे दरअसल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के हैं। उस समय किरोड़ी लाल मीणा विपक्ष में रहते हुए राजस्थान के युवाओं के लिए पेपर लीक मामलों की जांच, बेरोजगारों के प्रदर्शनों और शहीद वीरांगनाओं के धरने को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत करने कई बार मुख्यमंत्री निवास (CMR) या सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पहुंचे थे। एक जनप्रतिनिधि के नाते मुख्यमंत्री से की गई उन मुलाकातों के विजुअल्स को आज आईटी सेल और समर्थकों द्वारा संदर्भ से बिल्कुल अलग हटाकर भ्रामक दावों के साथ दोबारा वायरल किया जा रहा है।
3. नेताओं के बीच पुरानी तल्खी की क्रोनोलॉजी
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने किरोड़ी लाल मीणा को 'एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाई न करने' और नियमों के तहत काम करने की सार्वजनिक सलाह दी थी। इस पर किरोड़ी लाल ने तीखा पलटवार करते हुए कहा था कि गहलोत सरकार के समय युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ, उसे देखते हुए गहलोत को उन पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसी पुरानी सियासी खुन्नस के कारण अब दोनों तरफ से बयानों के तीर छोड़े जा रहे हैं।