जयपुर

Rajasthan Crime: फर्जी FMGE सर्टिफिकेट गिरोह का पर्दाफाश; सरगना सहित 2 डॉक्टर अरेस्ट, 73 संदिग्ध रडार पर

SOG Action: विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) की स्क्रीनिंग टेस्ट परीक्षा पास कराने के नाम पर कूटरचित प्रमाण-पत्र तैयार कर विदेश से एमबीबीएस कर आए अभ्यर्थियों को डॉक्टर बनाने वाले गिरोह का एसओजी ने बड़ा खुलासा किया है।

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Feb 07, 2026
फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट गिरोह का भानाराम माली उर्फ भानू अरेस्ट, पत्रिका फोटो

SOG Action: विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) की स्क्रीनिंग टेस्ट परीक्षा पास कराने के नाम पर कूटरचित प्रमाण-पत्र तैयार कर विदेश से एमबीबीएस कर आए अभ्यर्थियों को डॉक्टर बनाने वाले गिरोह का एसओजी ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में सरगना सहित 2 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।

अनुसंधान में यह भी सामने आया कि करीब 73 ऐसे अभ्यर्थियों के लिए भी इसी प्रकार के कूटरचित FMGE सर्टिफिकेट तैयार कराए गए, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री तो ली थी, लेकिन एफएमजीई परीक्षा पास नहीं की थी। इस संबंध में एसओजी में प्रकरण संख्या 8/2026 अलग से दर्ज किया गया है। मामले में 73 अन्य संदिग्ध डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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पूर्व में 3 आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार

एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मूलत: ब्यावर के बर हाल ईमली फाटक स्थित जनकपुरी सेकंड निवासी सरगना भानाराम माली उर्फ भानू व मूलत: करौली के नादौती हाल दौसा निवासी इन्द्राज सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में पहले ही विदेश से एमबीबीएस डिग्री प्राप्त डॉक्टर पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर एवं शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सरगना ने 5 देशों में काटी फरारी

विशाल बंसल ने बताया कि मामला सामने आने के बाद सरगना भानाराम माली उर्फ भानू विदेश फरार हो गया था। डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। जांच में सामने आया कि आरोपी भानाराम गिरफ्तारी से बचने के लिए थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल में छिपता रहा। एसओजी को सूचना मिली कि आरोपी 02 फरवरी 2026 काे दिल्ली पहुंचने वाला है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसओजी टीम ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से दस्तयाब कर जयपुर लाकर पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी शनिवार तक पुलिस हिरासत में है।

खुद डॉक्टर, दूसरों को दिलवाए फर्जी सर्टिफिकेट

डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू स्वयं भी विदेश से एमबीबीएस डिग्री प्राप्त डॉक्टर है। उसने रुपए लेकर सह-आरोपियों को एफएमजीई परीक्षा का कूटरचित स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया, जिसके आधार पर इन लोगों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया।

आरोपी इन्द्राज ने कजाकिस्तान से ली डिग्री

अनुसंधान अधिकारी जितेंद्र नवारिया की जांच में सामने आया कि आरोपी इन्द्रराज सिंह गुर्जर ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद दिसम्बर-2022 का फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट प्राप्त किया और इसके आधार पर राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर से इंटर्नशिप पूरी कर प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन हासिल किया। उसे 05 फरवरी 2026 को दौसा से पकड़ा। आरोपी इन्द्रराज 10 फरवरी तक रिमांड पर है।

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