
Anta by-election : सवाई मानसिंह सुपर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के प्रभारी डॉ. विनय मल्होत्रा ने अंता विधानसभा उपचुनाव के जरिए राजनीति में उतरने की मंशा जताई। उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया, जिसे मंजूरी नहीं मिलने पर वे हाईकोर्ट पहुंचे। इस बीच जानकारी में आया है कि राज्य सरकार ने आवेदन खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने डॉ. विनय मल्होत्रा की याचिका पर राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वीआरएस के आवेदन पर 20 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक निर्णय लिया जाए। कोर्ट ने कहा कि राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 50 के तहत सरकार तीन महीने की नोटिस अवधि में निर्णय नहीं लेती, तो वीआरएस स्वतः प्रभावी हो जाता है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव लड़ने के उद्देश्य से वीआरएस के लिए आवेदन करने पर नोटिस अवधि को माफ किया जा सकता है।
अधिवक्ता अनिता अग्रवाल ने कहा कि याचिकाकर्ता ने 15 वर्ष की सेवा पूरी कर ली और नियमानुसार वीआरएस लेने का अधिकार रखते हैं। चुनाव आयोग ने अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है, जिसमें नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट को बताया कि चुनाव लड़ना मौलिक अधिकार नहीं है और डॉक्टरों की कमी के चलते वीआरएस दिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में जनहित में वीआरएस मंजूर करने से इंकार किया जा सकता है।