
Farmer Registry Scheme : केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई किसान पंजीकरण योजना (फॉर्मर रजिस्ट्री) में राजस्थान अब तक देश में सबसे आगे रहे मध्यप्रदेश को पीछे छोड़ दिया। हालांकि जिलों में शत-प्रतिशत पंजीकरण के लक्ष्य की ओर डीडवाना-कुचामन, नागौर व कोटपूतली-बहरोड़ ही पहुंच पाए हैं, वहीं बीकानेर जिले में करीब आधे किसानों का ही पंजीकरण हुआ।
योजना की शुरुआत उत्तरप्रदेश से हुई थी। उत्तरप्रदेश इस योजना में अव्वल पांच राज्यों में तो आ गया, लेकिन रैंकिंग में राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से पीछे है। राजस्थान ने पायलट तौर पर दिसम्बर में सीकर से योजना शुरू की और फरवरी में जिलों में शिविर लगाकर इसकी औपचारिक शुरुआत की।
प्रदेश में पंजीकरण का कार्य इतनी तेजी से हुआ कि 91 लाख किसानों में से 74.40 लाख से अधिक का पंजीकरण हो चुका, जो कुल किसानों का 81 फीसदी से अधिक है।
कुछ समय पहले तक इस योजना में मध्यप्रदेश राजस्थान से आगे था, लेकिन अब वह भी पीछे रह गया है। किसानों के पंजीकरण में देशभर में महाराष्ट्र तीसरे, उत्तरप्रदेश चौथे और आंध्रप्रदेश पांचवे स्थान पर है।
डीडवाना-कुचामन, नागौर व कोटपूतली-बहरोड़ जिले किसानों के सौ फीसदी पंजीकरण के करीब हैं। हालांकि संख्या के लिहाज से जयपुर जिले में सर्वाधिक पंजीकरण हुआ। जयपुर जिले में 3.46 लाख, सीकर में 2.91 लाख, नागौर व झालावाड़ में 2.67 लाख और बाड़मेर में 2.55 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका। इसी तरह डीडवाना-कुचामन में 2.17 लाख और कोटपूतली-बहरोड़ में 1.50 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका।