जयपुर

Farmers Income: राजस्थान में 2 करोड़ 32 लाख गौ और भैंस का होगा टीकाकरण, पशुपालकों की आय बढ़ेगी

FMD vaccination: राज्य में एफएमडी रोग नियंत्रण टीकाकरण अभियान का शुभारंभ। 2030 तक प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य। प्रदेश में एफएमडी रोग नियंत्रण टीकाकरण अभियान की शुरूआत।
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Mar 17, 2026
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Cattle Vaccination: जयपुर. राज्य में एफएमडी रोग नियंत्रण टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। 2 करोड़ 32 लाख गौ और भैंस का होगा टीकाकरण, पशुपालकों की आय बढ़ेगी। 2030 तक प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य।

पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को बगरू स्थित रामदेव गौशाला से खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग नियंत्रण के लिए राज्य स्तरीय टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों से पशुओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

सरकारी प्रयास और लक्ष्य

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गायों और गौशालाओं की बेहतरी के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। पिछले दो वर्षों में पात्र गौशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके अलावा किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

इस अभियान के तहत पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। विशेष टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य 2030 तक प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त बनाना है।

टीकाकरण की महत्ता और जागरूकता

पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश मीना ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जो पशुओं की उत्पादकता को प्रभावित करता है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण ही इस रोग की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि अभियान समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए। इससे अधिक से अधिक पशुओं को कवर किया जा सकेगा और पशुपालकों का विश्वास बढ़ेगा।

टीकाकरण का लक्ष्य: प्रदेश में कुल 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं का टीकाकरण।
उद्देश्य: खुरपका-मुंहपका रोग से पशुधन की सुरक्षा और उत्पादकता में वृद्धि।

विशेष कदम: गांव-गांव टीकाकरण टीम, विशेष शिविर और सतत निगरानी।
भविष्य की योजना: 2030 तक प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त बनाना।

Updated on:
17 Mar 2026 04:39 pm
Published on:
17 Mar 2026 04:37 pm