
जयपुर
राज्य में खरीफ की बुवाई का टारगेट 86 फीसदी तक पूरा हो चुका है। काफी जिलों में अच्छी बारिश के चलते यहां बुवाई हो चुकी है जबकि पश्चिमी राजस्थान के साथ कई जिलों में अभी बारिश के चलते बुवाई का टारगेट पूरा नहीं हुआ है। इस बार किसानों ने दालों की अधिक बुवाई की है। इसके साथ ही कपास की बुवाई का रकबा भी कृषि विभाग की ओर से निर्धारित टारगेट की तुलना में बढ़ा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विभाग ने खरीफ के लिए कुल 161 लाख हेक्टेयर एरिया में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें से अब तक 138 लाख हेक्टेयर से अधिक एरिया में बुवाई हो चुकी है। मूंग, उड़द और कपास की बुवाई टारगेट की तुलना में अधिक हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में 17 लाख हेक्टेयर एरिया में मूंग, 4.63 लाख हेक्टेयर एरिया में उड़द और 27.42 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती के लिए बुवाई हो चुकी है। इन तीनों की फसलों में बुवाई टारगेट से अधिक हुई है। आपको बता दें कि पिछले साल अब तक करीब 141 लाख हेक्टेयर एरिया में बुवाई हुई थी,लेकिन इस बार अभी तक 138 लाख हेक्टेयर में ही बुवाई हो सकी है।
407 करोड़ का भुगतान
प्रदेश में किसानों से की गई चना और सरसों की खरीद का रूका हुआ भुगतान किया जा रहा है। किसानों को 407 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 33 हजार से अधिक किसानों के खाते में आॅनलाइन भुगतान राशि जमा करवा दी गई है। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि सरसों एवं चना का बेचान करने वाले 33 हजार 563 किसानों को 407 करोड़ 6 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे 17 हजार 938 किसानों के बैंक खातों में शीघ्र ही भुगतान राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
रिकॉर्ड खरीद का दावा
मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन में प्रदेश 4 लाख 33 हजार 669 रिकार्ड किसानों से 4 हजार 961 करोड़ 62 लाख रुपए मूल्य की सरसों, चना, गेहूं एवं लहसुन की खरीद की गई है जो कि एक रिकॉर्ड है। 4 लाख 15 हजार 360 किसानों को उनकी उपज के बेचान के बदले 4 हजार 730 करोड 96 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गेहूं एवं लहसुन का बेचान करने वाले सभी किसानों को भुगतान किया जा चुका है। सरसों के 1 हजार 477 एवं चना के 16 हजार 461 शेष किसानों को शीघ्र भुगतान करवाने के लिए नैफेड से राशि प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। चना की 265 करोड़ एवं सरसों की 142 करोड़ की राशि खातों में जमा करवाई जा चुकी है।